चौराकुंड में वन कर्मचारियों पर पथराव, 11 वन्यजीवों की संदिग्ध मौत के बाद बढ़ा तनाव

Melghat Forest Staff Attacked: धारणी के चौराकुंड वन क्षेत्र में 11 वन्यजीवों को जहर देकर मारने के मामले में एक युवक को पकड़े जाने पर ग्रामीणों ने वन टीम पर हमला कर दिया, जिसमें दो वनरक्षक घायल हो गए।
Dharni Tehsil Wildlife Poisoning Case Investigation
वन्यजीव का शव (सोर्स - नवभारत)
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Dharni Tehsil Wildlife Poisoning Case Investigation: अमरावती जिले के धारणी मेलघाट के चौराकुंड गांव में वन अपराध के सिलसिले में एक युवक को हिरासत में लेने के बाद पूछताछ के लिए गई वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों द्वारा हमला किए जाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। इस घटना से इलाके में डर का माहौल बना हुआ है। मेलघाट टाइगर रिजर्व के धारणी तहसील के चौराकुंड वन क्षेत्र में कुछ दिन पहले 4 गौर, 2 भेड़की और 2 बंदरों सहित 11 वन्यजीवों की संदिग्ध मौत हो गई थी।

प्राथमिक जांच में पशु चिकित्सकों ने आधिकारिक तौर पर जहर दिए जाने की बात दर्ज की है। यह बात सामने आई है कि पानी के प्राकृतिक स्रोत में जहरीला पानी पीने के कारण इन वन्यजीवों की मौत हुई है। इस घटना से गांव में तनाव का माहौल बन गया। ग्रामीणों के हमले में घायल हुए दोनों वनरक्षकों को इलाज के लिए धारणी उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गांव में उपजे तनाव को देखते हुए पुलिस ने बंदोबस्त बढ़ा दिया है। वन विभाग ने भी इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। वन विभाग की टीमें गांव के आसपास की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।

वन विभाग पर गुस्सा

वन कर्मियों पर पथराव करने वालों में नाबालिग बच्चों के शामिल होने की बात सामने आई है। इस मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। पानी के स्रोत में जहर मिलाकर वन्यजीवों को मारने के मामले में युवक की गिरफ्तारी से ग्रामीण नाराज थे। इसी बीच जब वन विभाग की टीम पूछताछ के लिए पहुंची तो पथराव की घटना हो गई। अमरावती धानोरा पुलिस के मुताबिक रात भर पुलिस का कड़ा पहरा था और फिलहाल गांव में शांति है।

5 वन्यप्राणी मिले थे मृत

चौराकुंड वन क्षेत्र के उत्तर अंजन झडप और चौराकुंड उत्तर खंड इलाके में जंगल गश्त के दौरान वन कर्मियों को अलग-अलग स्थानों पर चार गौर और एक भेड़की मृत अवस्था में मिले थे। बाद में कुछ अन्य वन्यजीवों के शव भी दिखाई दिए। 22 मई को यह मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था। जांच में यह निष्कर्ष निकलने के बाद कि प्राकृतिक पानी के स्रोत में जहरीला पदार्थ मिलाकर जानवरों को मारा गया है।

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