एमआईडीसी में सुरक्षा रक्षकों की दयनीय हालत, आरटीआई से उजागर हुआ सुरक्षा रक्षकों का हाल

Nagpur News: हिंगना एमआईडीसी क्षेत्र में तैनात सुरक्षा रक्षकों की स्थिति दयनीय बताई जा रही है। यह चौंकाने वाली जानकारी ललन सिंह को सूचना अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त हुई है।
Nagpur News: हिंगना एमआईडीसी क्षेत्र में तैनात सुरक्षा रक्षकों की स्थिति दयनीय बताई जा रही है। यह चौंकाने वाली जानकारी ललन सिंह को सूचना अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त हुई है।
नागपुर न्यूज
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Hingana News: नागपुर सहित हिंगना एमआईडीसी क्षेत्र में तैनात सुरक्षा रक्षकों की स्थिति दयनीय बताई जा रही है। यह चौंकाने वाली जानकारी ललन सिंह को सूचना अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त हुई है। मिली जानकारी के अनुसार नागपुर जिला सुरक्षा गार्ड बोर्ड में कुल 3,892 सुरक्षा गार्ड पंजीकृत हैं। इनमें राज्य सरकार, अर्ध-सरकारी, केंद्र सरकार, बोर्ड, निगम व कंपनियों जैसे 146 मुख्य नियोक्ता शामिल हैं।

हिंगना औद्योगिक क्षेत्र में 84 सुरक्षा गार्ड पंजीकृत हैं और कुल 7 संस्थाएं/कंपनियां यहां काम कर रही हैं। वर्तमान में 38 प्रतिष्ठान महाराष्ट्र निजी सुरक्षा अधिनियम 1981 के नियमों का पालन करते हैं। सूत्रों के अनुसार, निजी सुरक्षा एजेंसियां कंपनियों से तीन सुरक्षा रक्षकों का पैसा लेती हैं लेकिन काम पर रखती सिर्फ दो को हैं।

गार्ड की करें नियुक्ति

उदाहरण के तौर पर, यदि कंपनी से एक गार्ड का भुगतान 12,000 रुपये है तो तीन गार्डों का 36,000 रुपये एजेंसी को मिलता है। लेकिन एजेंसी दो ही गार्ड नियुक्त करती है और उन्हें अलग-अलग दरों से भुगतान करती है। दिन के गार्ड को 8-9 हजार और रात के गार्ड को 6-7 हजार रुपये। इस तरह एजेंसियां एक ही कंपनी से सिर्फ तीन गार्डों के नाम पर 10 हजार रुपये से अधिक मुनाफा कमा लेती हैं।

जांच की मांग

इस कथित अनियमितता और सुरक्षा रक्षकों के शोषण की जांच की मांग ललन सिंह ने की है। उनका कहना है कि सुरक्षा रक्षकों के हक का पैसा निजी एजेंसियां लूट रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बद से बदतर हो गई है।

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