नियुक्ति की तारीख तय करेगा कैसा होगा बुढ़ापा, बॉम्बे हाई कोर्ट ने OPS पर दिया बड़ा फैसला

Nagpur News: हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि पेंशन योजना में नियुक्ति की तारीख निर्णायक होगी, प्रशासनिक मंजूरी नहीं। इससे हजारों कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिल सकेगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
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Bombay High Court On Old Pension Schem Case: पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने के आदेश की मांग करते हुए ऑगस्टिन एंथनी थॉमस की ओर से बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ में याचिका दायर की गई। इस पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए किसी भी कर्मचारी को पेंशन योजना का लाभ देने में उसकी नियुक्ति की तारीख निर्णायक होने और न कि प्रशासनिक मंजूरी की तारीख स्वीकार करने के आदेश जारी किए। हाई कोर्ट के इस फैसले से राज्य के हजारों कर्मचारियों के लिए रास्ता खुल गया है।

याचिकाकर्ता ऑगस्टिन एंथनी थॉमस को उनके पिता के निधन के बाद सितंबर 2003 में अनुकंपा आधार पर लिपिक पद पर नियुक्ति मिली थी। हालांकि प्रशासनिक कारणों से उनकी नियुक्ति को अंतिम मंजूरी दिसंबर 2008 में दी गई। राज्य सरकार ने तर्क दिया कि मंजूरी 2005 के बाद दी गई है, इसलिए उन्हें पुरानी पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल सकता।

अलग-अलग हैं पहलू

हाई कोर्ट ने फैसले में कहा कि नियुक्ति की तारीख और मंजूरी की तारीख दो अलग-अलग पहलू हैं। प्रशासनिक विलंब से कर्मचारी के अधिकार प्रभावित नहीं हो सकते। यदि कर्मचारी की नियुक्ति कट-ऑफ डेट से पहले हुई है तो उसे पेंशन योजना का लाभ मिलना ही चाहिए।

इस फैसले से विशेष तौर पर वे कर्मचारी लाभान्वित होंगे जिनकी नियुक्ति 2005 की कट-ऑफ डेट से पहले हुई थी लेकिन प्रशासनिक देरी से उन्हें मंजूरी बाद में मिली। ऐसे हजारों कर्मचारियों को अब पुरानी पेंशन योजना का सीधा फायदा मिलेगा। कोर्ट ने थॉमस के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए उन्हें भी पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने का आदेश दिया।

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