

One Sided Love Crime Pune Junnar: पुणे के जुन्नर शहर में एक बार फिर 'कोयता गैंग' जैसी दहशत और एकतरफा प्यार के जुनून ने शिक्षा के गलियारे को लहूलुहान कर दिया है। पढ़ाई के लिए जाने जाने वाले इस शांत इलाके में एक कॉलेज छात्रा पर कोयते (एक प्रकार का धारदार हथियार) से जानलेवा हमला किया गया। हमले की वजह शादी के प्रस्ताव को ठुकराना बताया जा रहा है। इस दुस्साहसिक वारदात ने स्थानीय नागरिकों और विशेष रूप से छात्राओं के बीच गहरी दहशत और आक्रोश पैदा कर दिया है।
पीड़ित छात्रा जुन्नर शहर में आदिवासी लड़कियों के लिए बने सरकारी छात्रावास (हॉस्टल) में रहकर पढ़ाई कर रही थी। रोजाना की तरह वह सुबह कॉलेज जाने के लिए पैदल निकली थी। जब वह जुन्नर ग्रामीण अस्पताल के पीछे पत्राशेड इलाके के पास पहुँची, तभी एक युवक ने उसे रोका और बिना कुछ सोचे-समझे धारदार कोयते से उस पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। हमले के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और आरोपी मौके से फरार हो गया।
पुणे पुलिस की प्राथमिक जांच में इस खूनी खेल के पीछे महेश डामसे नामक युवक का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि महेश पिछले कुछ समय से छात्रा पर शादी के लिए दबाव बना रहा था। जब छात्रा ने उसके इस अनुचित प्रस्ताव को स्पष्ट रूप से ठुकरा दिया, तो वह बदले की आग में जलने लगा। इसी सनक के चलते उसने छात्रा के कॉलेज जाने वाले रास्ते पर घात लगाकर उस पर हमला किया। हमले में छात्रा के सिर और हाथों पर गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद उसे तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वारदात की सूचना मिलते ही जुन्नर पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और पंचनामा किया। आरोपी महेश डामसे के खिलाफ हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी की धरपकड़ के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द ही सलाखों के पीछे पहुँचाया जाएगा, हालांकि घटना के बाद से ही इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
पुणे और उसके आसपास के इलाकों में लड़कियों पर हो रहे इस तरह के हमलों ने प्रशासन और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष रूप से सरकारी छात्रावासों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास गश्त बढ़ाने की मांग जोर पकड़ रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर दिनदहाड़े भीड़भाड़ वाले इलाकों में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं, तो शिक्षा का क्या महत्व? प्रशासन से मांग की गई है कि छात्रावासों से कॉलेज तक के रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाई जाए।