AG और BVG को बचाने की जुगत में अधिकारी,केंद्रीय मंत्री का आदेश दरकिनार, महीने भर में मांगा नया प्लान
Nagpur में कचरा संग्रहण को लेकर एजी और बीवीजी कंपनियों की लापरवाही पर शिकायतें बढ़ीं। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने 4 दिन में रिपोर्ट मांगी, लेकिन मनपा अधिकारियों ने कंपनियों से नया प्लान मांग ।
- Written By: पूजा सिंह
कचरा संग्रहण
Nagpur Waste Collection: सिटी में घरों से कचरा इकट्ठा करने के लिए फिलहाल एजी और बीवीजी 2 एजेंसियां नियुक्त हैं। जिनमें से प्रत्येक को 5 जोन की जिम्मेदारी दी गई है लेकिन इन दोनों एजेंसियों से कचरा संग्रह को लेकर काफी शिकायतें मिल रही हैं। यही कारण रहा कि हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक बैठक में हर जोन में एक एजेंसी की नियुक्ति के संबंध में अगले 4 दिनों में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था।
मनपा अधिकारियों का आलम यह है कि केंद्रीय मंत्री के आदेश को दरकिनार कर एजी और बीवीजी कंपनी को बचाने की जुगत में लगे हुए हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब अधिकारी ने कंपनियों से एक माह का नया प्लान मांगा है। कंपनियों को अगले एक महीने में कचरा संग्रह में सुधार के लिए क्या-क्या करेंगे, इसकी एक योजना तैयार करने का निर्देश दिया।
2 दिनों में मांगा प्लान
शहर के बढ़ते दायरे को देखते हुए मनपा ने नवंबर 2019 में घरों से कचरा संग्रहण के लिए 2 कंपनियों बीवीजी और एजी को नियुक्त किया था। घनकचरा प्रबंधन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार इन दोनों कंपनियों के कर्मचारी प्रति दिन औसतन 1,321 टन कचरा एकत्रित करते हैं। हालांकि नियमित रूप से कचरा संग्रहण न होने के कारण नगर निगम कई बार इन कंपनियों पर जुर्माना भी लगा चुका है।
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एक बार जुर्माना लगने के बाद इन कंपनियों से सुधार की अपेक्षा की गई थी। हालांकि बार-बार जुर्माना लगने से पता चला है कि इन दोनों कंपनियों के काम में कोई सुधार नहीं हुआ है जिससे जोनवार एजेंसियां नियुक्त करने का विकल्प सामने आया है। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन कंपनियों से अगले 2 दिनों में एक महीने का कचरा इकट्ठा करने की योजना और उसमें क्या सुधार होंगे? यह बताने को कहा गया है।
7 करोड़ रुपये का जुर्माना
मनपा ने कचरा संकलन में अनियमितता बरतने पर एजी और बीवीजी कंपनियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की है. मनपा हर महीने इन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. फिर भी ऐसा लग रहा है कि अनियमितताएं जारी हैं. पिछले 3 सालों में वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में नवंबर तक मनपा ने इन दोनों कंपनियों पर 7,15,83,088 रुपये का जुर्माना लगाया है. एजी कंपनी से 3,94,35,325 रुपये और बीवीजी कंपनी से 3,21,47,763 रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
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घनकचरा प्रबंधन विभाग के उपायुक्त एजी राजेश भगत ने कहा कि एजी और बीवीजी दोनों कंपनियों ने जुर्माने में कमी की मांग की थी, इसलिए आयुक्त ने दोनों कंपनियों को सेवा में सुधार और कचरा संकलन में आ रही कमियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं। इन कंपनियों को सेवा में सुधार के लिए अगले 1 महीने की योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि सुधार न होने पर सेवा रद्द कर दी जाएगी।
