
नागपुर हिंसा पर बोले सीएम फडणवीस (सौजन्य-एएनआई)
नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर शहर में 17 फरवरी को सोमवार को महाल इलाके में हिंसा भड़की थी। नागपुर हिंसा मामले में 110 से भी ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। नागपुर हिंसा के दौरान कुल 33 पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। यही वह समय था जब खबरें भी सामने आई थी कि दंगाइयों ने महिला पुलिसकर्मियों के साथ बदसूलकी की थी। इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई थी।
आपको बताते चले कि पूछताछ के दौरान खबर सामने आई थी कि इस हिंसा के दौरान एक आरोपी ने महिला पुलिसकर्मियों के साथ भी बदसूलकी की। इसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। हालांकि, जब इस बारे में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस से प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछा गया तब सीएम ने अलग ही कहानी दोहराई।
हालांकि, सीएम ने इस बात से साफ इनकार कर दिया है। सीएम फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। सीएम ने कहा कि पुलिसकर्मियों पर पथराव किए गए है। लेकिन किसी भी महिला कर्मी से छेड़छाड़ नहीं की गई। उन्होंने छेड़खानी मामले से साफ इनकार किया। हालांकि, पथराव करना भी गलत है, जिस पर पुलिस और प्रशासन एक्शन लेगा।
नागपुर घटना के दंगाइयों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी!
जब तक आखिरी दंगाई को पकड़ा नहीं जाता तब तक ये कार्रवाई चलती रहेगी। जो भी नुकसान हुआ है उसकी भरपाई दंगाइयों से की जाएगी… (पत्रकार परिषद | नागपुर | 22-3-2025)@NagpurPolice @nagpurcp#Maharashtra #Nagpur #NagpurViolence pic.twitter.com/qfLnVz2ysU — Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) March 22, 2025
सीएम फडणवीस ने कहा था कि उन्होंने नागपुर सीपी रवींद्र सिंघल से इस मामले की पूरी जानकारी ली। हालांकि, छेड़छाड़ वाली कोई बात सामने नहीं आई है। ये सिर्फ अफवाह है जो मीडिया के माध्यम से फैली है।
आपको याद दिला दें कि नागपुर हिंसा को लेकर गणेशपेठ पुलिस स्टेशन में 19 मार्च को एक दर्ज एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस एफआईआर से पता चलता है कि घटना के दौरान एक आरोपी ने आरसीपी दस्ते की एक ऑन ड्यूटी महिला पुलिस अधिकारी की वर्दी और शरीर को अनुचित तरीके से छुआ था। आरोपी ने कुछ महिला पुलिसकर्मियों के साथ अश्लील इशारे भी किए और बदसलूकी भी की थी। इसके बाद आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी गई थी।
Maharashtra | The FIR registered at Ganeshpeth Police Station over Nagpur violence reveals that during the incident, an accused inappropriately touched the uniform and body of an on-duty woman police officer of the RCP squad. The accused also made obscene gestures and misbehaved… — ANI (@ANI) March 19, 2025
आपको बताते चले कि एफआईआर एक अधिकारी ने ही दर्ज की है। इस एफआईआर मे बीएनएस की धारा 74 (शील भंग), 76 (कपड़ें उतारने की कोशिश) और 79 (अश्लील इशारे और गाली-गलौज) के तहत मामला दर्ज किया गया था। ऐसे में अगर ये प्रशासन इस बात से इनकार करता है तो सवाल उठता है कि क्या ये एफआईआर झूठी थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नाम न बताने की शर्त पर महिला पुलिस अधिकारी ने कहा कि वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि हमने अपने सहकर्मियों के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी है। लेकिन हमें अनुचित व्यवहार और गाली-गलौज का भी सामना करना पड़ा। प्रशासन को हमारी सुरक्षा करनी चाहिए लेकिन प्रशासन कह रहा है कि कुछ हुआ ही नहीं।
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सीएम फडणवीस के इस बयान ने कई सवाल खड़े कर दिए है। नागपुर हिंसा के दौरान जब इस मामले पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है तो सीएम इस मामले को कैसे नकार सकते है। नागपुर हिंसा के दौरान ये बात छिपाई जा रही है या फिर एफआईआर झूठी थी? क्या फहीम खान पर लगे आरोपों को कम करने के लिए ऐसा किया जा रहा है? या फिर पुलिस का नाम खराब होने का डर सरकार को सता रहा है? ऐसे कई सवाल सामने आ रहे है।






