उत्तर नागपुर: कांग्रेस-भाजपा के बीच 'हाथी' की एंट्री; नितिन राऊत बनाम मिलिंद माने की साख दांव पर

NMC Elections: उत्तर नागपुर में 24 सीटों के लिए बिसात बिछी। जहाँ कांग्रेस विधायक नितिन राऊत 'भेदभाव' को मुद्दा बना रहे हैं, वहीं भाजपा ने बसपा और कांग्रेस के वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी की।
North Nagpur Municipal Corporation Elections 2026 Nitin Raut
उत्तर नागपुर चुनाव (डिजाइन फोटो)
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North Nagpur Municipal Elections: उत्तर नागपुर अब भी विकास के लिए जद्दोजहद कर रहा है। कुछ क्षेत्र काफी विकसित हैं तो कुछ को अब भी विकास का इंतजार है। नागपुर के अन्य भागों की तुलना में इस विधानसभा क्षेत्र में विकास की गंगा बहाने के लिए नितिन राऊत कई वर्षों से प्रयासरत हैं। काफी कार्य भी किए हैं जिससे उनका जनाधार निरंतर बना हुआ है। राज्य और स्थानीय स्तर से जितनी उम्मीद थी वह नहीं मिली। कुछ भेदभाव किया गया है।

शायद यही मुद्दा महानगरपालिका चुनाव में भी हावी होने की संभावना है। कांग्रेस और बीएसपी के गढ़ को चुनौती देने के लिए इस बार बीजेपी ने भी कमर कस ली है। इस बार एक-एक प्रभाग पर गणित बैठाया जा रहा है। कार्यकर्ताओं की फौज खड़ी की गई है, ताकि चुनाव में सफलता अर्जित की जा सके। कांग्रेस ने भी अपनी रणनीति बनाई, टिकटों आवंटन में बदलाव किया और आगे बढ़ी है।

बीएसपी दोनों के खेल में बिगाड़ने का दम रखती है। उसकी एकजुटता भी एक बड़ी चुनौती है। बावजूद उत्तर को लेकर 2 प्रमुख दलों में ही मुख्य रूप से लड़ाई लड़ी जाएगी। विधानसभा चुनाव में नितिन राऊत ने अपना जनाधार बढ़ाया है। उन्हें 1.27 लाख वोट मिले थे, जबकि बीजेपी के मिलिंद माने को 99,102 वोट मिले थे। दोनों ही दलों के वोट बढ़े थे। दोनों के लिए उत्साह पैदा करने वाला रहा है।

उत्तर की बात

उत्तर नागपुर विधानसभा क्षेत्र में नगरसेवक के लिए सीटों की संख्या 24 है। इस क्षेत्र में सिख, सिंधी, दलित, बौद्ध, एससी, एसटी की जनसंख्या सबसे ज्यादा है। इनके वोट विधायक से लेकर नगरसेवक तक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। पिछली बार कांग्रेस के पास 24 में से 7 सीटें थीं, जबकि बीजेपी के पास 12। इस बार तस्वीर क्या होगी, यह 16 को ही स्पष्ट हो पाएगा।

उत्तर नागपुर

उम्मीदवार वोट प्रतिशत (%)
नितिन राऊत 127,877 51.02
मिलिंद माने 99,410 39.66

मनपा की नाकामियों को रखें जनता के सामने

कांग्रेस का विधायक होने के कारण उत्तर नागपुर के साथ महानगरपालिका ने भेदभाव किया है। 19 वर्षों में जितना हिस्सा उत्तर को मिलना चाहिए था, नहीं मिल पाया है। यही कारण है कि कुछ क्षेत्रों के लोगों को न्याय नहीं मिल पाया है। विधायक के नाते जितना काम हो सकता था, मैंने करने का प्रयास किया है। सफलता भी मिली है। कई इलाकों में हालात को सुधारने का काम किया है परंतु मनपा को जो करना था, उसमें भारी भेदभाव किया गया है।

जनता के सामने इसी बात को लेकर कांग्रेस के आम कार्यकर्ता पहुंच रहे हैं। उन्हें बताया जा रहा है कि मनपा में कांग्रेस सत्ता में आई तो क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है। कांग्रेस ने इस बार उत्तर नागपुर में भी नये चेहरों को मौका दिया है। हर समाज के साथ न्याय करने का काम किया है। पुराने चेहरों की टिकट काटी गई है, ताकि सही मायने में कार्यकर्ता मैदान में चुनाव लड़े जो जनता के सुख-दुख को समझ सकते हैं।

यही कारण है कि पार्टी कार्यकर्ता अलग ही उत्साह में कार्य कर रहे हैं और उनको सभी का साथ मिल रहा है। इस बार कांग्रेस पार्टी सत्ता में आती है तो उत्तर नागपुर में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सड़क के साथ-साथ ड्रेनेज और सीवर पर बड़े पैमाने पर काम किया जाएगा। जो पार्क और मैदान मनपा ने चौपट कर दिए हैं, उन पार्कों और मैदानों को बेहतर रूप में लोगों के लिए तैयार किया जाएगा।

जनता के सारे बैकलॉग को खत्म करने का प्रयास किया जाएगा। जनता को मनपा की योजनाओं का सारा लाभ दिलाने के लिए कांग्रेस कार्य करेगी। यही जनता के समक्ष रखा भी जा रहा है। इस बार उम्मीद है कि 24 में से 18 से 20 सीटें लाने में कांग्रेस सफल रहेगी। जनता ने स्थानीय चुनाव में परिवर्तन का मन बना लिया है।

- नितिन राऊत, विधायक, ‌उत्तर नागपुर

इस बार उत्तर में और मजबूती से उभरेंगे

भारतीय जनता पार्टी हमेशा विकास की बात करती है और विकास करती भी है। यह सभी को समझ में आ चुका है। उत्तर नागपुर के लोग विकास के मुद्दे पर भाजपा से जुड़ रहे हैं और उसका भरोसा भी बढ़ा है। विधानसभा चुनाव में वोट बढ़ना स्पष्ट रूप से यह संकेत भी देता है। यही कारण है कि टिकट बंटवारे के दौरान उत्तर नागपुर में हर समाज के लोगों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।

सिख, सिंधी, बौद्ध, दलित, यादव, अन्य पिछड़ी जातियों के युवाओं को चुनाव लड़ने का मौका दिया गया है। अपने निकट के युवाओं को देखने से मतदाताओं का विश्वास और भी बढ़ गया है। उन्हें भरोसा है कि जनता से जुड़े लोग चुनकर आएंगे तो उनका काम बेहतर तरीके से हो पाएगा। 100 फीसदी जनता तक पहुंचने का लक्ष्य कार्यकर्ताओं ने बनाया है और इसमें बीजेपी की सभी 7 आघाड़ी के पदाधिकारी पहुंच रहे हैं।

एक-एक सीट पर 4 स्तर पर कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की गई है जो जनता का भरोसा जीतने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें बताया जा रहा है कि जो काम अब तक नहीं हुए हैं, उसे बीजेपी सत्ता में आकर पूरा करेगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूल सुविधाओं पर द्रुत गति से काम किया जाएगा, ताकि उत्तर नागपुर के लोगों को भी अन्य विधानसभा क्षेत्र जैसी सुविधाएं मिल सके।

बीजेपी ने उत्तर में कांग्रेस के गढ़ को ढहाने की पूरी तैयारी माइक्रो प्लानिंग कर कर ली है। यही कारण है कि इस बार 24 में से 17 सीटें लाने का टारगेट है और इसमें बीजेपी कार्यकर्ता पूरी तरह से सफल होंगे। पिछली बार कांग्रेस के पास 12 सीटें थीं जो सीट नहीं जीत पाई थी, उस पर और जोर लगाया जा रहा है।

- संजय भेंडे, बीजेपी, प्रदेश उपाध्यक्ष

  • नवभारत लाइव पर नागपुर से नीरज नंदन की रिपोर्ट
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