नितिन गडकरी (सौजन्य-IANS) 
नागपुर

गडकरी का 'संन्यास' संकेत? नागपुर में बोले- अब हमारे रिटायर होने और नई पीढ़ी को कमान सौंपने का समय आ गया

Advantage Vidarbha Khasdar Industrial Festival: नितिन गडकरी का बड़ा बयान। बोले- "अब हमारे रिटायर होने और नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने का समय।" विदर्भ को बनाएंगे देश का स्टील हब।

प्रिया जैस

Nitin Gadkari: नागपुर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश और समाज के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है कि अगली पीढ़ी को समय पर बड़ी जिम्मेदारियां दी जाएं और जब व्यवस्था ठीक से चलने लगे तो पुरानी पीढ़ी को खुद पीछे हट जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीढ़ियों का बदलाव स्वाभाविक और जरूरी है।

उन्होंने कहा कि आशीष काले ने ‘एडवांटेज विदर्भ’ पहल में युवाओं को सक्रिय रूप से शामिल किया है जो एक सकारात्मक कदम है। धीरे-धीरे पीढ़ी को बदलना चाहिए। आशीष के पिता मेरे मित्र हैं। अब समय आ गया है कि हम जैसे लोग धीरे-धीरे रिटायर हों और जिम्मेदारी नई पीढ़ी को सौंपें। जब गाड़ी ठीक से चलने लगे तब हमें पीछे हटकर कोई और काम करना चाहिए।

वे 6 फरवरी से शुरू होने वाले ‘एडवांटेज विदर्भ-खासदार औद्योगिक महोत्सव’ को लेकर हुए कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर एसोसिएशन फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (एआईडी) के अध्यक्ष आशीष काले, सचिव डॉ। विजय शर्मा, बीएमए के अध्यक्ष किशोर मालवीय, कैमिट के अध्यक्ष दीपेन अग्रवाल, आईआईएमएन के निदेशक भीमराया मैत्री सहित बड़ी संख्या में उद्योजक उपस्थित थे।

हिन्दुस्तान का स्टील हब बनेगा विदर्भ

गडकरी ने कहा कि ‘एडवांटेज विदर्भ’ जैसे कार्यक्रम से कई अच्छे विकास के कार्य हुए हैं। इनमें इंडस्ट्रीज पॉलिसी, टूरिज्म सेक्टर में कार्य होने के साथ ही एक अच्छा इन्वेस्टमेंट आया। साथ ही होटल इंडस्ट्रीज आगे आई है। वहीं गड़चिरोली के स्टील हब को लेकर एक अच्छा मूवमेंट आया है जिसमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल पर 7.50 लाख करोड़ का निवेश प्राप्त किया।

इतने बड़े निवेश से गड़चिरोली के साथ-साथ चंद्रपुर, वर्धा, भंडारा, नागपुर के साथ पूर्व विदर्भ में काफी बड़ी मात्रा में स्टील इंडस्ट्रीज का विकास होगा। हमारा लक्ष्य है कि हिन्दुस्तान का स्टील हब विदर्भ बने और यह जल्द ही होगा। आज गड़चिरोली का लोह अयस्क पूरी दुनिया में सबसे अच्छा है।

समृद्ध और आत्मनिर्भर क्षेत्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

नितिन गडकरी ने कहा कि यह पहल विदर्भ को एक समृद्ध और आत्मनिर्भर क्षेत्र बनाने के साथ-साथ भारत की स्टील उत्पादन क्षमता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत और महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में ग्रामीण महिलाओं द्वारा जलपरी से बनाये जाने वाले गहनों के बारे में भी बताया जिसकी अभी अच्छी डिमांड है।

वहीं लॉजिस्टिक व आईटी सेक्टर में ‘जीसीसी’ को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने यह बार-बार जोर देकर कहा कि किसी भी देश का समग्र विकास इंडस्ट्रीज, एग्रीकल्चर और सर्विस सेक्टर के संतुलित विकास से होता है। उन्होंने कहा कि धापेवाड़ा में शुरू किये गये कार्य से महिलाओं को रोजगार प्राप्त हो रहा है। विदर्भ की प्लानिंग सेक्टर वाइज करना बहुत आवश्यक है।

इसमें एग्रो, टूरिज्म सहित अन्य क्षेत्रों की प्लानिंग होनी चाहिए। नये-नये उद्योग आयेंगे तो यहां का विकास होगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। अमरावती में टैक्सटाइल का एक अच्छा बड़ा मार्केट तैयार हो गया है। हमारा मिशन विदर्भ से गरीबी, बेरोजगारी व भुखमरी को दूर करना है। विदर्भ समृद्धशील होना ही हमारा उद्देश्य है।

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