दीक्षाभूमि के लिए अब नई परियोजना, एम्फीथिएटर-म्यूजियम-अंडरग्राउंड पार्किंग का काम रद्द
Deekshabhoomi: दीक्षाभूमि में भूमिगत पार्किंग का विरोध व्यापक रूप से किया गया। इसी पृष्ठभूमि में नागपुर महानगर विकास प्राधिकरण (एनएमआरडीए) ने विकास कार्यों की रूपरेखा में बदलाव करने का निर्णय लिया है।
- Written By: प्रिया जैस
दीक्षाभूमि (फाइल फोटो)
Nagpur News: स्मारक समिति को 4 विकल्प दिए गए थे। इनमें से एक विकल्प चुना गया है। इसमें एम्फीथिएटर, संग्रहालय और भूमिगत पार्किंग के कार्यों को अब रद्द कर दिया गया है। एनएमआरडीए के अधिकारियों ने बताया कि इन कार्यों को छोड़कर एक नई विकास योजना तैयार की जाएगी और उसका प्रस्ताव समाज कल्याण कार्यालय की ओर से राज्य सरकार को भेजा जाएगा।
दीक्षाभूमि पर विकास कार्यों के अंतर्गत भूमिगत पार्किंग स्थल के निर्माण के विरुद्ध 1 जुलाई 2024 को अनुयायियों ने आक्रामक रुख अपनाया और स्तूप के आस-पास निर्माण सामग्री में आग लगाकर तोड़-फोड़ की थी। इस पृष्ठभूमि में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक समिति ने पार्किंग स्थल के लिए तैयार किए गए गड्ढों को भरने का निर्णय लिया।
6 जुलाई 2024 को एनएमआरडीए कार्यालय में हुई बैठक में इसे मंजूरी दी गई। अंततः ठेकेदार ने स्वयं भूमिगत पार्किंग स्थल को भर दिया। एक लाख वर्ग फुट क्षेत्र में बने इस पार्किंग स्थल को भरने में तीन करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई।
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28 करोड़ रुपये व्यर्थ खर्च
एनएमआरडीए के अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य में 25 करोड़ और पार्किंग स्थल को भरने में 3 करोड़ ऐसे कुल 28 करोड़ रुपये बर्बाद हो गए। हालांकि पार्किंग की समस्या का समाधान हो गया है लेकिन दीक्षाभूमि के अन्य प्रोजेक्ट भी अटके हुए हैं। केवल सुरक्षा दीवार और मंच का काम चल रहा था।
धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के अवसर पर ठेकेदार पर इन कार्यों को रोकने का दबाव भी बनाया गया था। तब से थमे हुए ये कार्य अब फिर से शुरू हो गए हैं। पहले 200 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई थी। कुछ कार्यों को छोड़कर शेष कार्य राज्य सरकार की मंजूरी के बाद शुरू किए जाएंगे। ऐसा बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक समिति के ट्रस्टी डॉ। विलास गजघाड़े ने बताया।
अब ये कार्य किये जायेंगे
प्रवेश द्वार 1 पर होने वाले कार्य
- शौचालय, प्राथमिक चिकित्सा कक्ष, पेयजल सुविधा, मल-जल निपटान केंद्र, विद्युतीकरण, सौर ऊर्जा प्रणाली, अनुयायियों के लिए दो-स्तरीय सुविधा क्षेत्र
- अशोक स्तंभ
- चार तोरण द्वार (सांची स्तूप की वास्तुकला से प्रेरित)
- स्तूप का सौंदर्यीकरण
- बोधि वृक्ष
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प्रवेश द्वार 2 के कार्य
- 3 मीटर ऊंचे वॉचटावर
- 6 मीटर ऊंचे वॉचटावर
- स्टेज
ये कार्य किए गए रद्द
- भूमिगत पार्किंग
- म्यूजियम
- एम्फीथिएटर
- 7 मीटर चौड़ा परिक्रमा कॉरिडोर
योजना अनुमोदन प्रक्रिया
25 नवंबर 2022 को दीक्षाभूमि स्मारक समिति की अनुमति से 200 करोड़ 31 लाख रुपये का संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। 20 जनवरी 2023 को इसे मंजूरी मिली। प्रशासकीय मंजूरी मिलने के बाद 14 अप्रैल 2023 को निविदाएं आमंत्रित की गईं और 20 अक्टूबर 2023 को मे। वायएफसी-बीबीजी को कार्यादेश दिया गया। 24 अक्टूबर 2023 को मुख्यमंत्री द्वारा ई-भूमि पूजन किया गया। इसके बाद इन कार्यों को शुरू किया गया।
