बिजनेस हब (सौजन्य-सोशल मीडिया, कंसेप्ट फोटो)
Hingna New Nagpur Project: नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (NMRDA) ने शहर के विस्तार और आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘न्यू नागपुर’ के विकास की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह भविष्य की परियोजना 1,710 एकड़ की विशाल भूमि पर आकार लेगी। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए प्राधिकरण ने सलाहकार (कंसल्टेंट) नियुक्त करने हेतु एक ई-टेंडर नोटिस जारी किया है।
उल्लेखनीय है कि एनएमआरडीए की ओर से हाई-टेक न्यू सिटी के रूप में ‘नया नागपुर’ विकसित करने की दिशा में एक बड़ी पहल की जा रही है जिसका उद्देश्य शहर को स्टार्टअप, एमएसएमई, प्रौद्योगिकी फर्मों और अंतरराष्ट्रीय सेवा प्रदाताओं के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है। प्रकल्प के अनुसार नये विकास की पहल में अत्याधुनिक अंडरग्राउंड नागरिक सुविधाओं की एकीकृत सेवाओं की प्रणाली भी होगी।
एनएमआरडीए शहर की सीमा के बाहर भी करोड़ों की लागत वाली योजना को कार्यान्वित कर रहा है जो प्राधिकरण के अंतर्गत सबसे बड़ी परियोजना होने की उम्मीद है। यह हाई-टेक शहर विकास ‘न्यू नागपुर’ पहल का हिस्सा होने की आशा है। माना जा रहा है कि इसे बिजनेस डिस्ट्रिक्ट के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है जो पूरे मध्य भारत के लिए औद्योगिक केंद्र होगा।
जारी की गई निविदा के अनुसार, नियुक्त किए जाने वाले सलाहकार को एक स्थायी और टिकाऊ मॉडल पर आधारित ‘न्यू नागपुर’ की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करनी होगी। इसके अंतर्गत सलाहकार को व्यापक आर्किटेक्चरल और इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी सेवाएं प्रदान करनी होंगी।
इसमें मुख्य रूप से शहर का मास्टरप्लान तैयार करना, आंतरिक और बाहरी बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) का विकास तथा लैंडस्केपिंग का खाका तैयार करना शामिल है। गौरतलब है कि इस कार्य के लिए प्राधिकरण द्वारा यह दूसरी बार निविदा आमंत्रित की जा रही है। इस पूरे प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार करने की समय सीमा 36 महीने (3 साल) तय की गई है।
‘न्यू नागपुर’ परियोजना नागपुर को एक विश्व स्तरीय शैक्षणिक, औद्योगिक और चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य व्यापार और उद्योग के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं, स्मार्ट यूटिलिटी समाधानों और ग्रीन वॉक-एंड-फ्लाई सुविधा के साथ एक नियोजित, हरित और स्मार्ट कॉरपोरेट शहर का निर्माण करना होगा।
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एनएमआरडीए की ओर से तैयार की गई योजना के अनुसार इसके लिए 692.06 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। माना जा रहा है कि सिटी में वीएनआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, एम्स जैसी राष्ट्रीय और राज्य स्तर की उच्च शिक्षा के लगभग 275 से अधिक शैक्षणिक संस्थाएं यहां हैं।