खिंडसी में बनेगा हाई-टेक 'वाटर एरोड्रोम', 9 सीटर विमानों से होगी शुरुआत; पर्यटन में आएगा उछाल

Khindsi Lake Seaplane Service: रामटेक के खिंडसी में सीप्लेन सेवा का सपना सच! मात्र ₹2000 में ताडोबा, शेगांव और नागपुर का हवाई सफर। विधायक आशीष जायसवाल के प्रयासों से पर्यटन को लगेंगे पंख।
Seaplane service to start at Khindsi Lake, Ramtek under UDAN scheme. Fly to Nagpur, Tadoba, and Shegaon for just ₹2000. MLA Ashish Jaiswal's vision turns real.
सीप्लेन (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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UDAN Scheme Seaplane: रामटेक के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खिंडसी जलाशय अब विकास की नई ऊंचाइयों को छूने जा रहा है। केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ योजना के तहत यहां बहुप्रतीक्षित सीप्लेन सेवा शुरू होने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। 29 मार्च 2026 को मैरीटाइम एनर्जी हेली एयर सर्विसेज प्रा. लि. (मेहर) के अधिकारियों ने खिंडसी बैकवाटर क्षेत्र का तकनीकी निरीक्षण और व्यवहार्यता सर्वेक्षण पूरा किया।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पीछे रामटेक के विधायक आशीष जायस्वाल का वर्षों का प्रयास है। उन्होंने वर्ष 2014 में इस योजना का प्रस्ताव रखा था, जो अब केंद्र और राज्य सरकार की नई विमानन नीति के चलते साकार होने जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जल हवाई अड्डे के लिए फ्लोटिंग जेटी, सुरक्षा व्यवस्था और उड़ान संचालन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

  • 2,000 रुपये में हवाई सफर
  • 9 सीटर विमानों से होगी शुरुआत
  • 19 सीटर तक बढ़ाने की योजना

जायसवाल ने कहा कि, यह परियोजना रामटेक को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगी। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित अन्य सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर दिवंगत अजीत पवार के सहयोग का भी विनम्रतापूर्वक उल्लेख किया गया।

इन शहरों के लिए सीधी हवाई कनेक्टिविटी

खिंडसी से नागपुर, ताडोबा, अमरावती और शेगांव जैसे शहरों के लिए सीधी हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। ‘उड़ान’ योजना के तहत यात्रियों को लगभग 2,000 रुपये में हवाई सफर का अवसर मिलेगा। इससे रामटेक गढ़ मंदिर, पेंच टाइगर रिजर्व और खिंडसी जल क्रीड़ा केंद्रों पर पर्यटकों की संख्या में बड़ी वृद्धि होने की संभावना है।

9 सीटर विमानों से सेवा की शुरूआत

महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी (एमएडीसी) द्वारा यहां वाटर एरोड्रोम और आधुनिक वेटिंग लाउंज विकसित किया जाएगा। शुरुआत में 9-सीटर विमानों से सेवा शुरू होगी, जिसे आगे 19-सीटर तक बढ़ाया जाएगा। यह परियोजना न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी निर्माण करेगी और विदर्भ की कनेक्टिविटी को मजबूत बनाएगी।

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