अजीत पवार की तस्वीर पर ‘श्री चक्र’ क्यों? नागपुर कार्यालय में वायरल तस्वीर पर सवाल, सोशल मीडिया पर अटकलें तेज
Nagpur NCP Office: नागपुर स्थित एनसीपी कार्यालय में अजीत पवार की तस्वीर के ऊपर लगे ‘श्री चक्र’ को लेकर चर्चा तेज है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर से राजनीतिक अटकलें बढ़ गई हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर एनसीपी कार्यालय, अजीत पवार तस्वीर, श्री चक्र विवाद, (सोर्स: नवभारत फाईल फोटो)
Nagpur NCP Office Ajit Pawar Photo: नागपुर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया स्व। अजीत पवार किसी भी तरह की अंधश्रद्धा, तंत्र-मंत्र और ढोंग का समर्थन नहीं करते थे। लेकिन नागपुर स्थित उनके पार्टी कार्यालय में न जाने किसने और किस उद्देश्य से उनकी तस्वीर के ठीक ऊपर ही ‘श्री चक्र’ लगा दया है। जैसे ही यह सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो तरह-तरह की अटकलों का दौर ही शुरू हो गया।
कुछ तो यह मान रहे हैं कि यह किसी खास उद्देश्य को लेकर किया गया ‘टोटका’ भी हो सकता है। अपने मुखिया के सिद्धांतों और बताई गई राहों पर चलने वाले अनेक पार्टी कार्यकर्ताओं के मन में भी सवाल उठने लगा है कि यह प्रतीक चिह्न क्यों लगाया गया है। गणेशपेठ स्थित कार्यालय के प्रवेश द्वार पर यह ‘श्री चक्र’ कार्यकर्ताओं में उत्सुकता का विषय बन गया है।
खरात से जोड़ रहे मामला
श्री बक्र’ की हिन्दू मान्यताओं में अत्यंत पवित्र और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। हालांकि हाल के दिनों में इसवार उपयोग लोगों को ठगने के लिए भी होने लगा है। कथित ढोगी बाबा अशोक खरात ने इसी तरह के यंत्र के आधार पर कई लोगों का आर्थिक और यौन शोषण किया, उसके काले कारनामों के जाल मैं कई बड़े नेता भी फंस गए थे।
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ढोंगी बाबा से संपर्क के चलते रूपाली चाकणकर की महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा और उनके खिलाफ जांच शुरू हो गई। अब सवाल उठाया जा रहा है कि पार्टी के आधिकारिक कार्यालय पर इस यंत्र का चित्र क्यों लगाया गया है। कार्यकर्ताओं के बीच यह बहस चल रही है कि राजनीतिक कार्यालय में ऐसे ग्रतीकों का उपयोग केवल आस्था का हिस्सा है या इसके पीछे किसी तरह का ‘टोटका’ है।
