महाराष्ट्र में 30 जून से घर-घर जाकर मतदाता सूची का होगा सत्यापन, दस्तावेज न होने पर कट सकता है नाम
Maharashtra Voter List: महाराष्ट्र में 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। शादीशुदा महिलाओं को मायके के दस्तावेज या दादा-दादी के 2002 के रिकॉर्ड देने होंगे।
- Written By: रूपम सिंह
मतदाता सूची ( फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Maharashtra Voter List Verification: महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा की है। यह अभियान पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। इसके तहत 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक मतदान केंद्र स्तरीय अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इसलिए नागरिकों को सतर्क रहकर अपने परिवार से संबंधित आवश्यक जानकारी और दस्तावेज बीएलओ को उपलब्ध कराने होंगे। गलत या अपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने पर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की संभावना है।
केंद्रीय निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार महाराष्ट्र निर्वाचन आयोग ने यह विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम घोषित किया है। अभियान के दौरान बीएलओ आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच करेंगे। साथ ही, 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले नागरिकों के नाम भी मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
निर्वाचन आयोग 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित करेगा। यदि किसी मतदाता को अपने नाम, पते या अन्य जानकारी में सुधार करना हो, तो वह 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 के बीच दावा और आपत्ति प्रस्तुत कर सकेगा। सभी प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बाद अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
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मायके के भी लगेंगे कागजात
विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम के कारण विवाह के बाद ससुराल में रह रही महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी होगी। मतदाता सूची में नाम बनाए रखने के लिए उन्हें मायके का निवास प्रमाण पत्र अथवा माता-पिता या दादा-दादी के वर्ष 2002 के अभिलेख बीएलओ के सत्यापन के दौरान प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं। आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर मतदाता सूची से नाम कट सकता है।
