

Palghar Fake Priest Minor Rape Case: महाराष्ट्र के पालघर जिले के कासा थाना क्षेत्र में अंधविश्वास की आड़ में एक नाबालिग लड़की के साथ अत्याचार का मामला सामने आया है। एक 55 वर्षीय फर्जी पुजारी ने इलाज के नाम पर 13 वर्षीय लड़की का यौन उत्पीड़न किया, जिसके बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। यह घटना दर्शाती है कि समाज में आज भी अघोरी प्रथा और भोंदू बाबाओं का जाल कितना गहरा है।
घटना की शुरुआत तब हुई जब पीड़िता की बड़ी बहन को स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण रक्तस्राव हो रहा था। उचित चिकित्सा उपचार के बजाय, परिवार ने आरोपी शिवराम सावर की मदद लेने का फैसला किया। 3 मई, 2026 को आरोपी अपनी कार लेकर परिवार के पास पहुँचा और उन्हें तालाब के समीप ले गया।
4 मई, 2026 को रात करीब 1 बजे, आरोपी ने 'गाँव का इलाज' देने के बहाने 13 वर्षीय किशोरी के साथ यौन उत्पीड़न किया। दरिंदगी के बाद, आरोपी ने लड़की को धमकी दी कि यदि उसने इस बारे में किसी को बताया, तो वह उसे जान से मार देगा। डरी हुई लड़की ने किसी तरह हिम्मत जुटाई, जिसके बाद यह पूरा मामला प्रकाश में आया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कासा पुलिस ने तत्काल छापेमारी की। पुलिस दल ने सक्रियता दिखाते हुए महज दो घंटे के भीतर आरोपी शिवराम सावर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर भारतीय दंड संहिता 2023 की धारा 64(1), 65(1), 351(2) और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह घटना एक चेतावनी है कि बीमार होने पर योग्य डॉक्टरों के पास जाने के बजाय नीम-हकीम और ढोंगी बाबा पर भरोसा करना कितना महंगा पड़ सकता है। फिलहाल पीड़िता का अस्पताल में उपचार जारी है। प्रशासन और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे अंधविश्वासों से दूर रहें और किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए केवल प्रमाणित अस्पतालों का ही रुख करें।