‘कर्ज में डूबी महाराष्ट्र सरकार, फिर भी गैर-जरूरी प्रोजेक्ट्स पर उड़ा रही पैसा’, जयंत पाटिल का तीखा हमला
Jayant Patil Statement: जयंत पाटिल ने महाराष्ट्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्ज में डूबी सरकार के पास किसानों के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन अनावश्यक परियोजनाओं के लिए भरपूर फंड है।
- Written By: आकाश मसने
जयंत पाटिल (फाइल फोटो, सोशल मीडिया)
Jayant Patil Attacks Maharashtra Government: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने शनिवार को महाराष्ट्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार संकटग्रस्ट किसानों के लिए धन की कमी का हवाला दे रही है, जबकि राज्य पर बढ़ते कर्ज के बोझ के बावजूद अनावश्यक प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ा रही है।
एक दिन पहले कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) सहित कई दलों ने मुंबई में कोंकण क्षेत्र के किसानों की मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद जयंत पाटिल ने सरकार पर हमला बोला है।
जयंत पाटिल का सरकार पर हमला
राज्य के पूर्व मंत्री जयंत पाटिल ने कहा कि किसानों की कई लंबित मांगों के लिए सरकार के पास पैसा नहीं है। लेकिन राज्य के भारी कर्ज में होने के बावजूद कई अनावश्यक परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है, जबकि जनता की ओर से उनकी कोई मांग भी नहीं है। यह बात चिंताजनक है।
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मुंबई में निकाला गया विरोध मार्च
बता दें कि शुक्रवार को मुंबई में किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर एक विरोध मार्च निकाला गया था। इस विरोध प्रदर्शन में स्वाभिमान शेतकारी संगठन के राजू शेट्टी, कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, राष्ट्रीय समाज पक्ष के महादेव जानकर और शिवसेना (यूबीटी) नेता विनायक राउत और अरविंद सावंत सहित अन्य दलों के पदाधिकारी शामिल हुए।
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यह मार्च शांतिपूर्ण तरीके से किसानों की आवाज बुलंद करने के लिए आयोजित किया गया था, लेकिन जैसे ही प्रदर्शनकारी राज्य सचिवालय के करीब पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कई प्रमुख नेताओं और प्रदर्शनकारी किसानों को हिरासत में ले लिया। विपक्ष ने सरकार की इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या और किसान विरोधी मानसिकता का प्रतीक बताया है।
आम, काजू और प्याज उत्पादक किसानों पर दोहरी मार
जयंत पाटिल ने कहा कि आम, काजू और प्याज उत्पादक किसान बेमौसम बारिश और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम बाजार भाव की दोहरी मार झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश और एमएसपी से कम कीमत मिलने के कारण आम, काजू और प्याज किसानों की हालत दयनीय हो गई है। कृषि प्रधान देश में किसान अपनी मेहनत से उगाई गई फसल का उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह गंभीर चिंता का विषय है।
