Nagpur News: नागपुर जिला परिषद के खजाने में आए 34 करोड़, पर 152 करोड़ का बकाया अब भी बरकरार!
Nagpur Zila Parishad Funds: नागपुर जिला परिषद को मिले 34 करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क, लेकिन सरकार पर अभी भी 152 करोड़ का बकाया। चुनावों से पहले फंड जारी होने से राजनीतिक चर्चा तेज।
- Written By: प्रिया जैस
नागपुर जिला परिषद (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Stamp Duty Dues Maharashtra: नागपुर जिला परिषद की आय के मुख्य स्रोत ‘मुद्रांक शुल्क’ (स्टांप शुल्क) के रूप में सरकार से 34 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई है। इस चालू वित्त वर्ष में जिला परिषद को नवंबर में 41 करोड़ रुपये मिले थे और अब दूसरे चरण में 34 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। हालांकि रिकॉर्ड के अनुसार राज्य सरकार के पास जिला परिषद का 152 करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क अभी भी बकाया है।
विकास कार्यों को मिलेगी गति
ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं और नागरिक सुविधाओं को लागू करने के लिए जिला परिषद इसी निधि पर निर्भर रहती है। पिछले कुछ वर्षों से स्टांप शुल्क की राशि समय पर न मिलने के कारण कई परियोजनाएं प्रभावित हो रही थीं। अब कुल 75 करोड़ (41+34) रुपये मिलने से रुके हुए कार्यों को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
चुनाव की आहट और फंड की रिलीज
स्थानीय निकायों के चुनाव पिछले काफी समय से लंबित हैं। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद राज्य के कई हिस्सों में चुनाव हो चुके हैं, लेकिन विदर्भ की जिला परिषदों में चुनाव होना बाकी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी गर्मियों में विदर्भ की जिला परिषद चुनावों की घोषणा हो सकती है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चुनावों के मद्देनजर ही सरकार ने लंबित निधि जारी करना शुरू किया है।
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बजट और लंबित बकाया
सीईओ का बजट: जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विनायक महामुनि ने वर्ष 2025-26 के लिए 47 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। इसमें कई नए उपक्रमों और ग्रामीण विकास की योजनाओं को शामिल किया गया है।
बकाया राशि का मुद्दा: भले ही सरकार ने दो किस्तों में राशि दी है, लेकिन 152 करोड़ रुपये की बड़ी रकम अभी भी शासन के पास अटकी हुई है। यदि यह पूरी राशि मिल जाती है, तो जिला परिषद के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा मजबूत करना बेहद आसान हो जाएगा।
