वर्धा जिला परिषद: आरक्षण के फेर में फंसा चुनाव, लगातार चौथे साल 'प्रशासक' के हाथ में होगी जिले की तिजोरी!

Wardha Zila Parishad Budget 2026: आरक्षण विवाद के बीच चौथी बार प्रशासक पेश करेंगे बजट। चुनाव स्थगित होने से जनप्रतिनिधियों का इंतजार बढ़ा। जानें बजट की समय सीमा।
For the 4th consecutive year, Wardha Zila Parishad budget to be presented by the Administrator.
वर्धा जिला परिषद (सौजन्य-नवभारत)
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Administrator Rule Wardha ZP: गत माह राज्य में स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनाव संपन्न हुए। इनमें कुछ जिला परिषदों व पंचायत समितियों का भी समावेश था, परंतु कुछ जिप और पंस के चुनाव आरक्षण के मुद्दे के कारण स्थगित कर दिए गए हैं। इनमें वर्धा जिला परिषद तथा आठ पंचायत समितियों का समावेश है। पिछले कुछ वर्षों से यहां प्रशासक राज लागू है। परिणामस्वरूप इस वर्ष लगातार चौथी बार प्रशासक ही जिला परिषद का बजट पेश करेंगे।

जिला परिषद अंतर्गत करीब 14 से 15 प्रमुख विभाग कार्यरत हैं। इन सभी विभागों के लिए प्रतिवर्ष बजट मंजूर किया जाता है। जिप के चुनाव नहीं होने से वर्तमान में कोई जनप्रतिनिधि नहीं है। ऐसे में प्रशासक और विभाग प्रमुखों की बैठक के बाद बजट को मंजूरी दी जाएगी। वर्ष 2026-27 के आर्थिक वर्ष के लिए मार्च के अंत तक नए बजट को मंजूरी मिलने की संभावना है।

ओबीसी आरक्षण पर फंसा पेंच

ज्ञात हो कि फरवरी 2022 में जिला परिषद और पंचायत समितियों पर प्रशासकों की नियुक्ति की गई थी। अब चार वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर मामला न्यायालय में लंबित है। न्यायालय के निर्देशानुसार जनवरी के अंत तक सभी स्थानीय निकायों के चुनाव होने थे। इस क्रम में नगर पालिका, मनपा, जिप और पंस के चुनाव कार्यक्रम घोषित किए गए। जिले की छह नगरपालिकाओं के चुनाव भी संपन्न हुए।

ऐसे में जिप चुनाव की संभावना जताई जा रही थी, परंतु एक बार फिर आरक्षण का मुद्दा सामने आया। वर्धा जिप व आठ पंस में आरक्षण 54 प्रतिशत तक पहुंच गया। आरक्षण 50 प्रतिशत की सीमा से अधिक होने के कारण वर्धा जिप और पंस के चुनाव पुनः स्थगित कर दिए गए हैं।

वर्धा जिला परिषद के अंतर्गत सामान्य प्रशासन विभाग, वित्त विभाग, पंचायत विभाग, पशुसंवर्धन विभाग, महिला एवं बाल कल्याण विभाग, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लघु सिंचाई विभाग, बांधकाम विभाग, शिक्षा विभाग, स्वच्छता एवं जलापूर्ति विभाग तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग कार्यरत हैं। इन सभी विभागों के लिए नए आर्थिक वर्ष में बजट को मंजूरी प्रदान की जाती है। इसके बाद संबंधित विभागों को निधि का वितरण किया जाता है।

गत वर्ष 20 करोड़ के बजट को मिली मंजूरी

वर्ष 2026-27 के लिए जिला परिषद का बजट मार्च अंत तक पेश किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार 25 मार्च से पहले बजट को मंजूरी देना अनिवार्य है। इससे पूर्व वर्ष 2023-24 के लिए 29.47 करोड़, वर्ष 2024-25 के लिए 28.49 करोड़ तथा वर्ष 2025-26 के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई थी।

पिछले बजट में हुए खर्च और शेष निधि का समायोजन कर अब नए आर्थिक वर्ष का बजट शीघ्र पेश किए जाने की संभावना है। इसके लिए जिप के सीईओ पराग सोमण, सामान्य प्रशासन उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी अमोल भोसले, वित्त विभाग प्रमुख मनोज पाते सहित सभी विभाग प्रमुखों की बैठक के बाद नए बजट को मंजूरी दी जाएगी, ऐसी जानकारी प्राप्त हुई है।

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