नागपुर जिला परिषद (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Zila Parishad Election: जिला परिषद चुनाव दिवाली के बाद होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। चुनाव लड़ने के इच्छुक भी अपने-अपने सर्कल में सक्रिय हो गए हैं। पार्टी की टिकट पाने के लिए फील्डिंग लगानी भी शुरू कर दी है लेकिन नागपुर में 20 ऐसे पूर्व जिला परिषद सदस्य हैं जिनके चुनाव लड़ने में टैबलेट बाधा बनी हुई है। सरकारी कामकाज के लिए मिला टैबलेट उन्होंने जिला परिषद प्रशासन को नहीं लौटाया है।
अब अगर उन्हें चुनाव लड़ना है तो जिला परिषद प्रशासन से किसी भी तरह का बकाया नहीं होने का अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होगा। बिना एनओसी के वे चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। अब उन्हें टैबलेट लौटाना होगा या फिर उसके पैसे प्रशासन के पास जमा कर एनओसी लेनी होगी।
वर्ष 2015-16 में तत्कालीन जिप अध्यक्ष निशा सावरकर के कार्यकाल में जिप सेसफंड से 58 सदस्यों के लिए मोबाइल टैबलेट की खरीदी की गई थी। प्रत्येक टैबलेट की कीमत 20 से 25 हजार रुपये थी। कार्यकाल समाप्त होते ही उसे वापस करना था लेकिन आगामी चुनाव में उम्मीदवारी का पत्ता कटने के चलते 20 सदस्यों ने टैबलेट लौटाया ही नहीं।
अब जब नये सिरे से सर्कल आरक्षण होने वाला है तो उनके चुनाव लड़ने की उम्मीद बढ़ी है लेकिन उन्हें जिला परिषद प्रशासन की एनओसी लगेगी। जानकारी के अनुसार 58 में से 36 सदस्यों ने टैबलेट लौटा दिया था। 2 सदस्यों ने उसके पैसे जमा कर दिये थे लेकिन 20 ने अब तक पचा रखा है।
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इधर नागपुर मनपा चुनाव को लेकर घोषित किए गए प्रारूप प्रभाग रचना को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने आपत्ति जताई है। बसपा की ओर से प्रभाग 33 के सीमांकन में खामियां होने का कारण देते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई।
बसपा के महाराष्ट्र प्रदेश मीडिया प्रभारी उत्तम शेवडे और जिला महासचिव चंद्रशेखर कांबले ने गुरुवार को मनपा मुख्यालय में एक लिखित आपत्ति प्रस्तुत की जिसमें सीमांकन में कई गंभीर त्रुटियों की ओर इशारा किया गया है। विशेष रूप से इसमें शामिल बस्तियों को लेकर आपत्ति दर्ज की गई है।