फिर संकट के घेरे में नागपुर का जीरो माइल अंडरपास, हाई कोर्ट में दायर हुई एक और याचिका
Nagpur News: नागपुर का जीरो माइल अंडरपास एक बार फिर से संकट के घेरे में है। इसके लिए हो रही पेड़ों की कटाई को लेकर हाई कोर्ट में एक याचिका दायर हो गई है। इसकी सुनवाई 14 अगस्त को होगी।
- Written By: आकाश मसने
नागपुर जीरो माइल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Zero Mile Underpass: नागपुर के मानस चौक से होते हुए बर्डी और सिविल लाइंस तथा सिविल लाइंस से होकर मानस चौक की दिशा में आने-जाने के दौरान जीरो माइल पर होने वाले ट्रैफिक जाम की स्थिति से निपटने के लिए सरकार की ओर से अंडरपास की घोषणा की गई। इसके लिए भारी मात्रा में पेड़ों की कटाई होने के कारण पर्यावरण पर इसके पड़ते प्रभाव को लेकर आपत्ति जताते हुए हाई कोर्ट को संज्ञान लेने का अनुरोध कर सामाजिक कार्यकर्ता जयदीप दास की ओर से पत्र भेजा गया।
इस पर हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया। अब तक इस मामले में हुई सुनवाई के बाद हाई कोर्ट की ओर से हरी झंडी भी प्रदान की गई किंतु अब सामाजिक कार्यकर्ता जयदीप दास की ओर से मध्यस्थ अर्जी दायर की गई है। इसमें कई मुद्दों को उठाया गया है। अर्जी पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने इसे 14 अगस्त को होने वाली सुनवाई के दौरान रखने का आदेश देते हुए मामला स्थगित कर दिया।
केवल पेड़ नहीं बल्कि कई अहम मुद्दे
मध्यस्थ अर्जी दायर करने वाले दास का मानना है कि इस अंडरपास प्रकल्प के कारण केवल पेड़ों की कटाई से प्राकृतिक नुकसान ही नहीं बल्की कई और अहम मुद्दे भी शामिल हैं। इसमें रक्षा विभाग की जमीन का मसला भी जुड़ा हुआ है। जनता से जमा किए गए टैक्स के पैसों की फिजूलखर्ची भी शामिल है। इन मुद्दों को याचिका में नहीं रखा गया है।
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हालांकि पूरे मामले पर शिकायत करते समय इन मुद्दों को उजागर किया गया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट का मानना था कि लंबे समय से इस मामले की सुनवाई की जा रही है। ऐसे में उसी समय मध्यस्थता कर मुद्दों को उठाया जाना चाहिए था। अब अगली सुनवाई को इन मुद्दों को उजागर करने के बाद विचार करने के संकेत कोर्ट ने दिए।
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1700 पेड़ लगा चुका है महामेट्रो
जनहित याचिका पर गत समय सुनवाई के दौरान महामेट्रो की ओर से 1700 पेड़ लगाए जाने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद हाई कोर्ट ने इस संदर्भ में वृक्ष प्राधिकरण को उसका पक्ष रखते हुए हलफनामा दायर करने को कहा था।
आदेश के अनुसार ट्री अथॉरिटी की ओर से भी हलफनामा प्रस्तुत किया गया था। जीरो माइल अंडरपास का निर्माण करने की जिम्मेदारी निभाने वाली महामेट्रो द्वारा 1700 पेड़ लगाए जाने का खुलासा ट्री अथॉरिटी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता जैमीनी कासट ने किया था।
214 वर्ष पुराने पेड़ पर भी संकट
नागपुर महानगर पालिका की ओर से जारी सूचना के अनुसार इसमें 8 से 40 वर्ष की उम्र के 104 सामान्य पेड़ हैं जबकि 52 से 214 वर्ष की उम्र के 11 हेरिटेज पेड़ हैं। बहरहाल जीरो माइल से इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस मार्ग पर स्थित नंबर-2 एयर स्क्वाड्रन एनसीसी कार्यालय से लेकर माहेश्वरी भवन तक सड़कों के दोनों ओर के पेड़ों की कटाई होनी है।
