पति की आंखों के सामने पत्नी को ले गया बाघ: देवलापार के सावरा गांव में खौफनाक वारदात; मौके पर ही मौत
Devlapar tiger attack: देवलापार के सावरा गांव में बाघ का जानलेवा हमला। पति के सामने पत्नी मुक्ताबाई मरस्कोले को बाघ ने मार डाला। वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश।
- Written By: प्रिया जैस
रामटेक में बाघ की दहशत (सौजन्य-नवभारत)
Pavani forest area tiger: रामटेक के देवलापार का आदिवासी बहुल इलाका एक बार फिर बाघ के हमले से दहल उठा। पवनी वन्यजीव वनपरिक्षेत्र के अंतर्गत सावरा गांव के एक खेत में काम कर रही एक महिला पर दोपहर करीब 2 बजे बाघ ने अचानक हमला कर दिया, जिसमें महिला की मौके पर ही मौत हो गई। मृतका की पहचान सावरा निवासी मुक्ताबाई जुगल्या मरस्कोले (32) के रूप में हुई।
मुक्ताबाई अपने पति के साथ खेत में फलियां तोड़ रही थी। खेत जंगल के नजदीक स्थित है। इसी दौरान अचानक झाड़ियों से निकले बाघ ने उस पर हमला कर दिया। हमले के वक्त उसके पति पास में ही काम कर रहे थे। पत्नी की चीख सुनते ही उन्होंने साहस दिखाते हुए बाघ से भिड़ने की कोशिश की।
एक तरफ बाघ महिला को अपनी ओर खींच रहा था, तो दूसरी ओर पति पत्नी को बचाने का प्रयास कर रहा था लेकिन बाघ की ताकत के सामने उनका संघर्ष बेअसर साबित हुआ और उनकी आंखों के सामने ही पत्नी को बाघ ने मार डाला। इस दर्दनाक घटना से पूरे देवलापार क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बाघों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर वन विभाग पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा है।
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बेटे के सिर से उठा मां का साया
मुक्ताबाई के परिवार में पति और 13 वर्षीय बेटा है। परिवार खेती-किसानी से ही अपना गुजारा करता है। घटना के समय बेटा स्कूल में था, उसे इस त्रासदी की खबर नहीं थी। मां की मौत से उसके सिर से हमेशा के लिए ममता का साया उठ गया। गांव में मातम पसरा है।
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देवलापार क्षेत्र में लगातार हो रहीं बाघ की घटनाओं से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि जंगल से सटे गांवों में बाघ की गतिविधियां बढ़ने के बावजूद वन विभाग द्वारा पर्याप्त निगरानी और ठोस प्रतिबंधात्मक उपाय नहीं किए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को शीघ्र एवं पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की।
