नागपुर के वॉटर एटीएम बने कबाड़, लाखों की योजना ठप; पुनः शुरू करने की उठी मांग
Nagpur Water ATM Project: नागपुर में सस्ते आरओ ठंडे पानी के लिए शुरू वॉटर एटीएम प्रोजेक्ट लापरवाही और अतिक्रमण के कारण ठप पड़ गया। लाखों की योजना अब पुनर्जीवन की मांग के साथ चर्चा में है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर वॉटर एटीएम योजना,(प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur RO Drinking Water Scheme: नागपुर शहर में लोगों को सस्ते दर पर आरओ फिल्टर ठंडा पानी पिलाने की योजना कबाड़ में तब्दील हो चुकी है। शहर के मार्केट सहित कई जगहों पर लगाए गए वॉटर एटीएम शुरुआत में लोगों के लिए राहत देने वाले साबित हुए लेकिन अब ये भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ चुके हैं।
कइयों के आसपास अतिक्रमण जम चुका है जबकि कई एटीएम शराबियों के लिए मय खाना बन गये हैं। आसपास हो गया अतिक्रमण कहर डाने वाले गर्मी के सीजन को देखते हुए महानगर पालिका ने शहर में लोगों और व्यापारियों को सस्ती दर पर ठंडा और फिल्टर पानी उपलब्ध कराने की सोच के साथ इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उत्तारा था लेकिन आज इस प्रोजेक्ट की पूरी तरह से हवा निकल गई है।
शहर में इन्हें लगाने पर लाखों रुपए खर्च किये गये। शहर के लोगों ने इस प्रोजेक्ट को उस वक्त सराहना भी की थी। यह प्रोजेक्ट लाभ के दौर से भी गुजरा लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा यह प्रोजेक्ट जल्द ही धराशायी हो गया।
सम्बंधित ख़बरें
नागपुर में भाजपा प्रशिक्षण वर्ग, फडणवीस बोले- नगरसेवक को फुटबॉल खिलाड़ी की तरह दोहरी भूमिका निभानी होगी
महाराष्ट्र में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल; पूर्व DGP रश्मि शुक्ला लोकायुक्त सदस्य नियुक्त, 6 IAS के तबादले
गड़चिरोली में नकली बीज बेचने वालों पर FIR होगी, लाइसेंस रद्द करने के जिलाधिकारी के सख्त निर्देश
अपराधी स्मार्ट, पर मनपा-पुलिस के CCTV ब्लैकआउट! नागपुर में बुजुर्ग की मौत के बाद भी बंद कैमरों का अंधेरा कायम
जो वॉटर एटीएम एक बार बंद हुए तो बंद ही पड़े हुए हैं। मार्केट के व्यापारियों व लोगों का कहना है कि सस्ती दर पर मिलने वाले इस प्रोजेक्ट को एक बार फिर शुरू किया जाना चाहिए क्योंकि यह प्रोजेक्ट गरीबों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सच में अमृत पान ही करवाता था।
20 रुपये की पानी की बोतल खरीदना होती है मजबूरी
मार्केट में आने वाले लोग व व्यापारी जब इस बंद वॉटर एटीएम को देखते हैं तो उन्हें अपनी प्यास बुझाने के लिए महगी पानी की बोतल खरीदने को मजबूर होना पड़ता है।
साबित हुआ सफेद हाथी
रखरखाव की अनदेखी के चलते यह योजना ध्वस्त हो गई। एक भी वाटर एटीएम लोगों की प्यास नहीं बुझा पा रहा है। अधिकांश वाटर एटीएम में पानी नहीं आ रहा है। शहर के बस स्टैंड, गांधीबाग, शताब्दी चौक सहित विविध स्थानों पर वाटर पटीम स्थापित किए गये थे पर इन्हें सफलतापूर्वक बलाना नहीं हो पाया।
यह भी पढ़ें:-अतिक्रमणकारियों को हाईकोर्ट का सख्त संदेश: सार्वजनिक जमीन खाली कराने के आदेश में बदलाव से साफ इनकार
इसके चलते यह योजना आज सफेद हाथी साबित हो रही है। वहीं असामाजिक तत्वों ने वाटर एटीएम के पूजों को क्षति पहुंचाई है और कुछ सामानों को चोरी भी कर लिया है। इनके आसपास गंदगी भी फैली हुई है। इस ओर नागपुर मनपा द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
