गड़चिरोली में नकली बीज बेचने वालों पर FIR होगी, लाइसेंस रद्द करने के जिलाधिकारी के सख्त निर्देश
Fake Seeds And Fertilizer: गड़चिरोली जिले में नकली बीज-खाद बेचने और MRP से अधिक दाम वसूलने वाले कृषि केंद्रों पर FIR दर्ज करने व लाइसेंस रद्द करने के आदेश दिए गए हैं।
- Written By: केतकी मोडक
नकली बीज और खाद प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
Gadchroli Action Against Fake Seeds And Fertilizer: खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और कीटनाशक समय पर तथा उचित दरों पर उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा ने निर्देश दिए हैं कि एमआरपी से अधिक कीमत पर बीज या उर्वरक बेचनेवाले विक्रेताओं के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं तथा उनके लाइसेंस भी रद्द किए जाएं, जिलाधिकारी कार्यालय के सभागार में आयोजित “कृषि आदान उपलब्धता एवं गुणवत्ता नियंत्रण” विषयक जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी प्रीति हिरलकर, कृषि विकास अधिकारी किरण खोमणे, गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक, कृषि विभाग के अधिकारी, बीज एवं उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि तथा डीलर्स एवं रिटेलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित थे।
किसानों से धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं करेंगे
जिलाधिकारी ने कहा कि गड़चिरोली जिले की प्रमुख फसल धान है और अधिकांश किसान खरीफ सीजन पर निर्भर हैं, ऐसे में किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए जिला एवं तहसील स्तर पर गठित उड़नदस्तों को और अधिक सक्रिय किया जाएगा। यदि कोई विक्रेता छपी हुई अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) से अधिक दर पर बिक्री करता है या कृत्रिम कमी पैदा करने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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किसान करें शिकायत
- बैठक में कृषि आदानों की बिक्री में अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, किसानों को उर्वरक या बीज खरीदते समय अन्य अनावश्यक उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर करने वाले विक्रेताओं पर भी कड़ी कार्रवाई होगी, साथ ही कृषि केंद्रों में उपलब्ध स्टॉक की नियमित जांच तथा बीज एवं उर्वरकों के नमूनों को प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए, किसानों की शि त्वरित निवारण के लिए जिला स्तर पर विशेष कृषि आदान शिकायत निवारण कक्ष स्थापित है। बीज, उर्वरक या कीटनाशकों से संबंधित किसी भी समस्या की शिकायत किसान सीधे से कर सकते हैं।
- बैठक में बताया गया कि खरीफ सीजन को देखते हुए जिले में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। वर्तमान में जिले में 1,494 मीट्रिक टन यूरिया तथा 200 मीट्रिक टन डीएपी का बफर स्टॉक मौजूद है बरसात के मौसम में दुर्गम क्षेत्रों में परिवहन संबंधी कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील इलाकों अतिरिक्त उर्वरक भंडारण की व्यवस्था भी की गई है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अफवाह पर विश्वास न करें और आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरकों की खरीद करें, वहीं जिलाधिकारी ने सारीपा सीजन को सफल बनाने के लिए राजस्व, कृषि एवं पुलिस विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
