नागपुर मनपा चुनाव खर्च में बड़ा उछाल: मतदाता सूची छपाई खर्च तीन गुना बढ़ा, अतिरिक्त 40 लाख को मिली मंजूरी

Nagpur Municipal Election Budget: नागपुर मनपा चुनाव की तैयारियों में मतदाता सूची और वोटर स्लिप छपाई खर्च 19.5 लाख से बढ़कर 60 लाख पहुंच गया। अतिरिक्त खर्च को लेकर स्थायी समिति से मंजूरी ली गई।
Major Surge in Nagpur Municipal Corporation Election Expenses: Cost of Printing Voter Lists Triples; Additional ₹40 Lakh Approved
नागपुर मनपा चुनाव खर्च,(प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Electoral Roll Printing Expenses: नागपुर महानगर पालिका के आम चुनाव की तैयारियों में मतदाता सूची और वोटर स्लिप की छपाई का खर्च अनुमानित बजट से काफी अधिक बढ़ गया है। छपाई का जो खर्च पहले करीब 19.5 लाख रुपये आंका गया था, वह अब बढ़कर लगभग 60 लाख रुपये तक पहुंच गया है।

मनपा प्रशासन ने 40,27,977 रुपये के अतिरिक्त खर्च को कार्योत्तर मंजूरी देने के लिए स्थायी समिति के समक्ष प्रस्ताव रखा। इस पर चर्चा के बाद इसे मंजूरी प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि आम तौर पर चुनावों में होने वाले खर्च का निधि चुनाव विभाग के माध्यम से किया जाता है किंतु रखे गए प्रस्ताव में सामान्य प्रशासन द्वारा इस खर्च को पूरा करने की जानकारी दी गई, यहां तक कि मतदाता सूची की छपाई होने के बाद इसे राजनीतिक दलों को बेचा गया किंतु बिक्री से अधिक छपाई पर खर्च हुआ।

10.61 लाख पन्नों की छपाई की संभावना दस्तावेजों के अनुसार, 13 नवंबर 2025 को अतिरिक्त आयुक्त की मंजूरी के बाद निविदा प्रक्रिया के माध्यम से मेसर्स गैलेक्सी एंटरप्राइजेज, नागपुर को छपाई का जिम्मा सौंपा गया था।

शुरुआती कार्यदिश के तहत 1.84 रुपये प्रति पृष्ठ की दर से (A-4 पेपर दोनों तरफ और A-3 पेपर एक तरफ) लगभग 10,61,000 पन्नों की छपाई होनी थी। इस आधार पर मनपा ने कुल खर्च 19.52,240 होने का अनुमान लगाया था।

क्यों बढ़ा पन्नों का आंकड़ा?

चुनाव अवधि के दौरान राज्य चुनाव आयोग से लगातार प्राप्त होने वाले निर्देशों और क्षेत्रीय कायर्यालयों की अतिरिक्त मांगों के कारण मतदाता सूची के कई और सेट तैयार करने पड़े, इसके अलावा, उम्मीदवारों और आम नागरिकों की और से भी प्रमाणित मतदाता सूची की मांग में भारी वृद्धि दर्ज की गई।

परिणामस्वरूय जहां शुरुआत में केवल 10.61 लाख पन्नों का अनुमान था, वहीं वास्तव में 30,54.213 A-4 पेज और 1,95,905 A-3 पेजों की छपाई करानी पड़ी, इस तरह कुल छपे हुए पन्नी की संख्या प्रस्तावित संख्या से कहीं अधिक बढ़कर 32.50.118 हो गई।

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