Nagpur Crime News:नागपुर में एक सुपर मार्केट (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nagpur Embezzlement Case: एक सुपर मार्केट में काम करने वाले मैनेजर ने ही अपने मालिक को 1.15 करोड़ रुपए का चूना लगा दिया। चोरी पकड़े जाने के बाद आरोपी ने रकम लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में खुद ही पुलिस में शिकायत कर मालिक को ही फंसाने की कोशिश की। राणाप्रतापनगर पुलिस ने पैराडाइज सोसायटी, सोनेगांव निवासी महेश नारायणराव तिड़के (53) की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। आरोपी की पहचान स्वागत सोसायटी, खामला निवासी अश्विन विट्ठलराव भोयर (46) के रूप में हुई है।
महेश तिड़के गणेश कॉलोनी में ‘नारायण बाजार’ नामक सुपर मार्केट चलाते हैं। वर्ष 2015 में उन्होंने अश्विन को स्टोर मैनेजर और कैशियर के पद पर नियुक्त किया था। महेश का बेटा भी व्यवसाय में उनकी मदद करता है। इसी दौरान उसे अश्विन की गतिविधियों पर संदेह हुआ।
सीसीटीवी फुटेज की जांच करने पर अश्विन काउंटर से पैसे चोरी करते और हिसाब-किताब में हेराफेरी करते हुए दिखाई दिया। इसके बाद महेश ने वर्ष 2021 से सभी रिकॉर्ड का ऑडिट करवाया। ऑडिट में खुलासा हुआ कि अश्विन ने माल और बिलिंग में हेराफेरी कर करीब 1.15 करोड़ रुपएका गबन किया है।
चोरी पकड़े जाने पर महेश ने अश्विन और उसके भाई राजेश को बातचीत के लिए बुलाया। सभी सबूत सामने रखने पर अश्विन ने चोरी स्वीकार कर ली और पुलिस में शिकायत न करने की गुहार लगाते हुए 45 लाख रुपए लौटाने का आश्वासन दिया। इसके एवज में उसने अपने एक प्लॉट की पावर ऑफ अटॉर्नी देकर करारनामा किया।
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समय बीतने के बावजूद जब अश्विन ने रकम नहीं लौटाई, तो महेश ने संपत्ति अपने नाम करने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान अश्विन ने उनके खिलाफ ही सोनेगांव थाने में शिकायत दर्ज करा दी। जांच में सामने आया कि अश्विन पहले ही उप निबंधक कार्यालय में जाकर पावर ऑफ अटॉर्नी रद्द करवा चुका था।
करारनामा की शर्तों के अनुसार रकम वापस न मिलने से परेशान होकर महेश ने राणाप्रतापनगर पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।