शालार्थ आईडी स्कैम (सौजन्य-सोशल मीडिया, कंसेप्ट फोटो)
Nagpur Shalarth ID Scam Update 2026: फर्जी नियुक्तियों का काला खेल उजागर नागपुर के बहुचर्चित बोगस शालार्थ आईडी घोटाले में साइबर पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हिंगना क्षेत्र की एक मुख्याध्यापिका को गिरफ्तार किया है, जिसने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर 6 शिक्षकों की अवैध तरीके से नियुक्ति करवाई थी।
पकड़ी गई आरोपी की पहचान मेघा श्रीकृष्ण मते (57), निवासी हिंगना के रूप में हुई है। वेतन प्रस्तावों पर किए फर्जी हस्ताक्षर जांच में खुलासा हुआ कि मेघा मते, ग्रामोद्धार विद्या प्रसारक शिक्षण संस्था द्वारा संचालित चित्रलेखादेवी भोसले उच्च प्राथमिक शाला, कान्होलीबारा में मुख्याध्यापिका के पद पर कार्यरत थीं। इस स्कूल में 5-6 शिक्षकों की नियुक्तियां पूरी तरह अवैध थीं और उनकी शालार्थ आईडी भी बोगस थी।
इसके बावजूद, मुख्याध्यापिका मते ने बिना किसी जांच-पड़ताल के हर महीने अपने हस्ताक्षर से इन शिक्षकों के वेतन प्रस्ताव अधीक्षक कार्यालय को भेजे। इसके आधार पर सरकार के खजाने से लगभग 28 लाख रुपये का गलत तरीके से भुगतान किया गया।
शिक्षण उपसंचालक कार्यालय के कनिष्ठ प्रशासकीय अधिकारी रविंद्र ज्ञानेश्वर पाटिल की शिकायत पर यह जांच शुरू हुई थी। डीसीपी नित्यानंद झा के मार्गदर्शन में गठित एसआईटी अब तक इस मामले में 29 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। शनिवार को मेघा मते को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 जनवरी तक पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है।
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इस घोटाले के तार शिक्षा विभाग के कई बड़े अधिकारियों और दलालों से जुड़े होने की आशंका है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि फर्जी आईडी बनाने के बदले में कितनी रकम का लेनदेन हुआ और इस नेटवर्क में और कौन-कौन से स्कूल शामिल हैं। साइबर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर बलीराम सुतार और उनकी टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है।