
रंजिश के चलते स्क्रैप व्यवसायी की हत्या (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Nagpur Murder Case: यशोधरानगर थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े हत्या की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। ईट भट्टा चौक पर एक स्क्रैप व्यवसायी की धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हत्या आपसी रंजिश के चलते की गई। बताया जाता है कि व्यापारी के बेटे का आज जन्मदिन था। वह बच्चों के अल्पोहार की तैयारी के लिए घर से निकला था, इसी दौरान उस पर हमला हुआ। घटना से स्थानीय नागरिकों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग थाने में एकत्र हुए और पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।
मृतक की पहचान शाहू मोहल्ला, वृंदावननगर निवासी सचिन उर्फ सोनू ओमप्रकाश शाहू (40) के रूप में हुई है। सचिन स्क्रैप व्यवसाय के साथ भाजपा के वार्ड अध्यक्ष भी थे।
गणेशोत्सव के दौरान सचिन का इलाके में रहने वाले गौर परिवार से विवाद हुआ था। गौर परिवार का एक युवक प्रतिदिन गणेश पंडाल में मांस खाकर आता था और इसका सार्वजनिक उल्लेख करता था। इस बात पर सचिन ने उसे फटकार लगाई थी। इसके बाद गौर परिवार के सदस्यों ने सचिन के घर पर हमला कर पूरे परिवार के साथ मारपीट की थी। घटना की शिकायत यशोधरानगर थाने में दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और बाद में मामला समझौते में बदल गया।
सचिन के दो बच्चे हैं। उनके बेटे प्रीत का शनिवार को जन्मदिन था। प्रीत के एक वर्ष का होने पर सचिन ने आसपास के बच्चों और अपने परिवार के साथ छोटा समारोह करने की योजना बनाई थी। सुबह भाजपा की बैठक में शामिल होने के बाद सचिन तैयारी में जुटे थे। दोपहर लगभग 2 बजे वे ईंट भट्टा चौक पर स्थित एक दुकान से समोसे का ऑर्डर देकर घर लौट रहे थे। तभी दो दोपहिया वाहनों पर सवार चार अज्ञात युवक पहुंचे और बिना कोई बातचीत किए दो आरोपियों ने धारदार हथियार से सचिन पर वार कर दिए। छाती पर कई वार करते ही आरोपी फरार हो गए। खून से लथपथ सचिन मौके पर ही गिर पड़े।
परिजन तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। यशोधरानगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए मेयो अस्पताल भेजा। हत्या के बाद पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। आरोपियों के नाम फिलहाल स्पष्ट नहीं हुए हैं।
सचिन के पिता ओमप्रकाश ने बताया कि गणेशोत्सव के दौरान सोनू गौर तथा उसके भाइयों ने उनके घर पर हमला किया था। इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। सचिन के भाई का आरोप है कि ड्यूटी अफसर ने कार्रवाई के लिए उनसे पैसे की मांग की थी। बाद में डीसीपी को शिकायत करने पर पुलिस हरकत में आई, लेकिन गौर परिवार पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं की गई।
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परिजनों का कहना है कि गौर परिवार के सदस्य अवैध गतिविधियों में शामिल रहते हैं और पुलिस से उनकी ‘सेटिंग’ थी, इसी कारण मामला रफा-दफा कर दिया गया।
परेशान परिजनों ने बताया कि मासूम प्रीत के जन्मदिन पर ही उसके पिता की हत्या कर दी गई। उनका आरोप है कि यशोधरानगर पुलिस की घोर लापरवाही के कारण इतनी बड़ी घटना हुई है।






