विधायक चरण सिंह ठाकुर को ज्ञापन सौंपते मजदूर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur SBL Energy Workers Crisis: नागपुर की काटोल तहसील के राऊलगांव स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड में हुए भीषण धमाके के बाद कंपनी का उत्पादन बंद होने से सैकड़ों मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इस संबंध में कंपनी में कार्यरत 300 से अधिक पुरुष और महिला मजदूरों के प्रतिनिधिमंडल ने विधायक चरण सिंह ठाकुर से मुलाकात कर कंपनी को जल्द पुनः शुरू करने की मांग की। मजदूरों ने कहा कि कंपनी बंद रहने से करीब 1400 लोगों के रोजगार पर गंभीर असर पड़ा है और कई परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
मजदूरों ने विधायक को दिए ज्ञापन में बताया कि एसबीएल एनर्जी लिमिटेड क्षेत्र के अनेक परिवारों के लिए आजीविका का प्रमुख साधन है। हाल ही में हुए हादसे के बाद उत्पादन बंद होने से सैकड़ों परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मजदूरों ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि आवश्यक सुरक्षा उपायों के साथ कंपनी का उत्पादन जल्द शुरू कराया जाए।
मजदूरों की समस्या सुनने के बाद विधायक ठाकुर ने कंपनी प्रबंधन और प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंपनी दोबारा शुरू करने से पहले मजदूरों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उत्पादन प्रक्रिया में सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षण और आपातकालीन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस मौके पर चंद्रशेखर चिखले, सुभाष माहुरे सहित 300 से अधिक मजदूर उपस्थित थे।
ब्लास्ट हादसे में मृत मजदूरों के परिजनों को कंपनी प्रबंधन की ओर से 75 लाख रुपए, मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपए तथा प्रधानमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपए की सहायता स्वीकृत की गई है। वहीं, उपचाररत घायल मजदूरों के परिवारों को 25 लाख रुपए तथा राज्य सरकार की ओर से 5 हजार रुपए की सहायता देने का निर्णय लिया गया है। यह सहायता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के मार्गदर्शन में मंजूर की गई है।
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इस अवसर पर विधायक ठाकुर ने मजदूरों को भी सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि उत्पादन प्रक्रिया के दौरान सतर्कता और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने से इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।
विधायक ठाकुर ने मजदूरों को आश्वस्त किया कि कंपनी प्रबंधन और जिला प्रशासन से चर्चा कर कंपनी को दोबारा शुरू करने के संबंध में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र के लोगों को पुनः रोजगार मिलेगा और स्थानीय आर्थिक गतिविधियां फिर से गति पकड़ेंगी।