नागपुर SBL ब्लास्ट केस में बड़ा एक्शन, 26 मौतों के बाद सख्ती; पुलिस ने तेज की कार्रवाई
Nagpur SBL Blast Case: नागपुर एसबीएल ब्लास्ट मामले में फरार आरोपियों को भगौड़ा घोषित कर उनकी संपत्ति अटैच करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। 26 कर्मचारियों की मौत के बाद जांच तेज।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर एसबीएल ब्लास्ट( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nagpur Absconding Accused: नागपुर एसबीएल ब्लास्ट मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। नागपुर ग्रामीण पुलिस ने फरार आरोपियों को भगौड़ा घोषित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ उनकी संपत्ति भी अटैच करने के लिए कागजी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
ज्ञात हो कि विगत 1 मार्च एसबीएल कंपनी के भीतर हुए भीषण विस्फोट में 26 कर्मचारियों की मृत्यु हुई थी। इस हादसे के बाद से कंपनी के संचालक और मुख्य आरोपी फरार हैं।
पुलिस के अनुसार एसबीएल के मालिक व चेयरमैन संजय चौधरी और सीईओ आलोक चौधरी सहित रवींद्र पोखरना, श्रवण कुमार, सत्यवती पराशर, आलोक अवधिया, मनोज कुमार प्रसाद, मितिन चंदनमल, अतुल गुप्ता और केदार पंचपुत्रे भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
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अधिकारी ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं। अब उन्हें भगौड़ा अपराधी घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
अब तक 11 अरेस्ट
यदि वे पेश नहीं होते हैं तो उनकी संपत्तियां कुर्क की जाएंगी। पुलिस टीमें पहले छत्तीसगढ़ के रायपुर भी गई थीं लेकिन वहां से भी आरोपी फरार हो गए थे।
उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया है। इससे साफ है कि वो देश के बाहर तो नहीं जा सकते। इस मामले में अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तार हो चुकी है।
न्यायालय ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। इनमें कंपनी के विभिन्न पदों पर कार्यरत अधिकारी शामिल हैं। जांच में फैक्ट्री में भारी सुरक्षा लापरवाही सामने आई है।
पेट्रोलियम व विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पेसो) और औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय (डीआईएसएच) की रिपोर्ट में सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन का उल्लेख किया गया है।
फैक्ट्री में विस्फोटक कई दिनों तक रखे जाते थे जिससे खतरा बढ़ गया था। उचित प्रशिक्षण दिए बिना कर्मचारियों से जोखिम भरे काम कराए जा रहे थे।
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पुलिस ने बताया कि कर्मचारियों और अधिकारियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और तकनीकी रिपोर्ट का विश्लेषण जारी है। फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और उनके सरेंडर न करने पर संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी।
