‘वंदे मातरम’ विवाद पर शिवसेना का कांग्रेस पर हमला, कृष्णा हेगड़े बोले- राष्ट्रीय गीत पर विवाद उचित नहीं
Vande Mataram Row: केरल में ‘वंदे मातरम’ विवाद को लेकर शिवसेना ने कांग्रेस पर निशाना साधा। शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने कहा कि राष्ट्रीय गीत को लेकर किसी भी तरह का विवाद खड़ा करना उचित नहीं है।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
शिवसेना के प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े (सोर्सः सोशल मीडिया)
Shiv Sena Attacks Congress Over Vande Matram Controversy: केरल में ‘वंदे मातरम’ को लेकर उठे विवाद ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। इस मुद्दे पर शिवसेना ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए राष्ट्रीय गीत के सम्मान को सर्वोपरि बताया है। शिवसेना के प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ देश की आजादी के आंदोलन से जुड़ा हुआ गीत है और करोड़ों भारतीयों की भावनाओं का प्रतीक है। ऐसे में इसे लेकर किसी भी प्रकार का विवाद खड़ा करना या इसके गायन को लेकर आपत्ति जताना उचित नहीं माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रीय गीतों को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर रखा जाना चाहिए।
कृष्णा हेगड़े ने क्यों लगाया आरोप
कृष्णा हेगड़े ने आरोप लगाया कि केरल में नई यूडीएफ-कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के बाद ‘वंदे मातरम’ के गायन और बैंड प्रस्तुति को रोकने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम पर राज्यपाल ने भी नाराजगी जताई थी और स्पष्ट किया था कि ‘वंदे मातरम’ राष्ट्रीय गीत है, इसलिए इसे किसी भी मंच पर सम्मान मिलना चाहिए। हेगड़े ने कहा कि देश की एकता और अखंडता से जुड़े प्रतीकों को विवाद का विषय बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका मानना है कि राजनीतिक दलों को ऐसे मुद्दों पर सावधानी बरतनी चाहिए और जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय गीत को लेकर उठे विवाद से गलत संदेश जाता है और इससे अनावश्यक राजनीतिक टकराव पैदा होता है।
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वाई एस शर्मिला के नाम पर कांग्रेस में चर्चा तेज
इस दौरान कृष्णा हेगड़े ने आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाई एस शर्मिला की राज्यसभा उम्मीदवारी को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भीतर राज्यसभा सीटों को लेकर विभिन्न नेताओं के बीच चर्चा और दावेदारी जारी है। वाई एस शर्मिला का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में लिया जा रहा है और यदि पार्टी उनके नाम पर सहमत होती है तो यह उसका आंतरिक निर्णय होगा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि शिवसेना कांग्रेस के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती। लेकिन राष्ट्रीय मुद्दों पर सभी दलों को एकजुट होकर देशहित और राष्ट्रीय भावनाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।
