
रेडिसन ब्ल्यू फ्लाईओवर प्रोजेक्ट (फाइल फोटो)
Radisson Blu Flyover: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अक्टूबर 2024 में सिटी को सौगात दी थी। मनीषनगर, बेसा, बेलतरोडी, पिपला के लोगों के वर्धा रोड आने-जाने के लिए रेडिसन ब्ल्यू से न्यू मनीषनगर तक फ्लाईओवर बनाने का ऐलान किया था। एक वर्ष बीत गया है लेकिन यह प्रोजेक्ट अब भी फाइलों में ही अटका पड़ा है। इसके लिए अधिकारी और नेता दोनों जिम्मेदार हैं।
कई बार ड्राइंग बदलवाई गई जिससे विलंब पर विलंब होता चला गया। वर्तमान में भी यह ड्राइंग में ही अटका पड़ा है। कभी अधिकारी संतुष्ट नहीं हो रहे हैं तो कभी नेता की प्राथमिकता कुछ और होती है। ऐसे में यह अब भी कागजों पर अटका पड़ा है।
विश्व बैंक के सहयोग से इस प्रोजेक्ट को बनाया जाना है। तब नितिन गडकरी ने इसकी लागत 82.31 करोड़ रुपये बताई थी। इस प्रोजेक्ट की फाइल अब तक अटकी हुई है क्योंकि शहर के नेता इस प्रोजेक्ट को मानो भूल से गए हैं। इसका भी भूमिपूजन कार्यक्रम नहीं हो पाया है।
इस बीच सूत्रों ने बताया कि पीडब्ल्यूडी इस प्रोजेक्ट का डिजाइन बनाने के लिए कार्य कर रहा है। जीआईडी बनाकर रेलवे को भेजा गया है। पहले भी डिजाइन रेलवे को भेजा गया था लेकिन रेलवे की ओर से कई बार अलग-अलग बदलाव करने के सुझाव दिए गए। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने उन बदलावों को किया और प्रस्ताव पुन: रेलवे की ओर दिया। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे ने प्रस्ताव को ‘मंजूरी’ दे दी है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि फ्लाईओवर की लंबाई 500 मीटर से अधिक है, इसलिए इस प्रोजेक्ट पर मंत्रालय की स्क्रूटनी कमेटी के समक्ष रखा गया। स्क्रूटनी कमेटी की बैठक 6 अक्टूबर को मुंबई में हुई। बैठक में इस पर मुहर लगा दी गई। कुछ शर्तें जोड़ी गईं, उन्हें भी पूरा कर लिया गया है। मंजूरी मिलने के बाद भी प्रोजेक्ट इस टेबल से उस टेबल पर गुजर रहा है।
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जानकारों की मानें तो फाइल आगे बढ़ाने और किए गए बदलाव के कारण प्रोजेक्ट की लागत 124 करोड़ पहुंच गई है। विभाग को इस प्रोजेक्ट के लिए जरूरी अधिकांश जमीन मिल चुकी है, इसलिए जमीन और धन की कोई समस्या नहीं है। डिजाइन मंजूर होना अहम था, जो हो चुका है।
केंद्रीय मंत्री विकास की मंशा से एक के बाद एक प्रोजेक्ट घोषित करते रहते हैं लेकिन इसके बाद जो विलंब होता है, वह लोगों के लिए मुश्किलें खड़ा कर देता है। खैर इस प्रोजेक्ट को तो लोग एक वर्ष में भूल भी गए थे। जनता अब यह उम्मीद करती है कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद विलंब न हो क्योंकि इसके साथ ही रिंग रोड पर मानेवाड़ा-दिघोरी फ्लाईओवर का ऐलान किया गया था जिसका निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि यह प्रोजेक्ट अब तक फाइलों से बाहर निकल नहीं पाया है।






