प्रॉपर्टी मार्केट (AI generated image)
Nagpur Metro Expansion Impact: प्रोजेक्ट पर प्रोजेक्ट, फिर प्रोजेक्ट। एक के बाद एक आ रहे मेगा प्रोजेक्ट ने शहर की संपत्ति बाजार में ‘आग’ लगाने का काम किया है। दरें इस कदर पहुंच गई हैं कि आम लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है। 2-3 वर्ष पूर्व जिन स्थानों पर कीमत 3000-3500 रुपये थी आज वैसे स्थानों पर जमीन की कीमतें 10,000-12000 वर्ग फुट तक पहुंच चुकी हैं।
जमीन की कीमतें किसी खास क्षेत्र में नहीं बढ़ रही है, बल्कि इसका लाभ अधिकांश क्षेत्रों को मिल रहा है। यह अलग बात है कि एप्रिसिएशन की दरें अलग-अलग हैं। वर्धा रोड और उमरेड रोड अभी भी हॉट केक बना हुआ है, जबकि अमरावती रोड और हिंगना मार्ग अब नई ऊंचाइयों को छूने को बेताब है।
गोरेवाड़ा के आसपास दरें कम हैं तो लावा भी रिटर्न देने में सबसे आगे बना हुआ है। कोराडी-सावनेर में भी प्रोजेक्ट आने से कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। जमीन से जुड़े लोगों का मानना है कि यह सिलसिला आगे भी चलता रहेगा क्योंकि नागपुर के आसपास जमीनें खत्म हो गई हैं।
आज कलमेश्वर हो या सावनेर या फिर उमरेड रोड या वर्धा रोड; भंडारा मार्ग हो या फिर अमरावती रोड, सभी ओर बड़े-बड़े प्रोजेक्ट की घोषणाएं हो चुकी हैं। सावनेर रोड पर जेल, महिलाओं के लिए क्लस्टर, अदाणी का प्रोजेक्ट आ रहा है। इसी प्रकार नई खदान खुलने की भी जानकारी है।
डिफेंस कॉरिडोर के लिए भी सावनेर का नाम आगे किया गया है। कोराड़ी में भी नया पावर प्लांट, कुछ शैक्षणिक संस्थान की नींव पड़ चुकी है। इन सभी प्रोजेक्ट ने इस क्षेत्र में जमीन की कीमतों में इजाफा किया है।
आज सैटेलाइट सिटी तक पहुंचा बेहद आसान है। इतना ही नहीं सैटेलाइट सिटी में जमीन की कीमतें अभी भी कम है। ऐसे में लोग शहर से जुड़े 40-45 किलोमीटर दूर जमीन लेने को प्राथमिकता देने लगे हैं। कम लागत में अच्छी जमीन मिल रही है। लोगों का मानना है कि अभी इच्छा पूरी की जा सकती है। इससे भविष्य में अच्छी कीमत भी मिल सकती है। प्रोजेक्ट आने के बाद यही जमीन कई गुणा अधिक कीमतों में बिकेंगी।
कीमत बढ़ने का एक मुख्य कारण यह है कि प्रोजेक्ट काफी सोच समझ कर लाये जा रहे हैं। क्षेत्र की विशेषताओं को देखकर ही निवेश को लाया जा रहा है। जैसे उद्योग वर्धा रोड में आ रहे हैं तो लॉजिस्टिक पार्क अमरावती और समृद्धि से जुड़े क्षेत्रों में। सावनेर में कृषि आधारित उद्योग लाया जा रहा है, तो डिफेंस को भी प्राथमिकता दी जा रही है। रामटेक में माइनिंग क्लस्टर के लिए जमीन अधिगृहित की जा रही है। उमरेड और बूटीबोरी को आपस में जोड़ा जा रहा है जिसके उद्योग बढ़े हैं और जमीन की कीमतों में इजाफा हुआ है।
| क्रमांक | क्षेत्र | रेट (₹) |
|---|---|---|
| 1 | हिंगना (मोंढा) | 3500 |
| 2 | वर्धा रोड (वीसीए) | 3500 |
| 3 | वर्धा रोड अंदर | 2500 – 3000 |
| 4 | बेसा (रोड टच) | 10,000 – 12,000 |
| 5 | बेलतरोडी | 9000 |
| 6 | पिपला | 5000 – 6000 |
| 7 | हुडकेश्वर | 5000 – 6000 |
| 8 | लावा | 2500 – 3000 |
| 9 | दाभा | 5000 – 5500 |
| 10 | उमरेड रोड | 1800 – 3000 |
| 11 | सावनेर | 800 – 1600 |
| 12 | कलमेश्वर | 1200 – 1300 |
| 13 | अमरावती रोड | 2500 – 3000 |
पिछले 2 वर्षों में नागपुर शहर की प्रॉपर्टी मार्केट में लगातार और मजबूत वृद्धि देखने को मिली है। शहर में रजिस्ट्रेशन, जमीन की खरीदी-बिक्री और नए प्रोजेक्ट्स की संख्या में स्पष्ट बढ़ोतरी हुई है।
प्रीमियम और सेंट्रल एरिया
ये इलाके रेडी प्रॉपर्टी, लग्जरी फ्लैट्स और बंगलो सेगमेंट में सबसे ज्यादा मजबूत रहे हैं।
जिले में रजिस्ट्री काफी तेजी से बढ़ी है। संख्या के साथ-साथ कीमतों में इजाफा होने का लाभ भी विभाग को मिला है। सिटी और ग्रामीण भागों ने लक्ष्य हासिल करने में सफलता अर्जित की है।
| क्रमांक | माह | 2024 रजिस्ट्री | 2024 राजस्व (₹ करोड़) | 2025 रजिस्ट्री | 2025 राजस्व (₹ करोड़) |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | अप्रैल | 4307 | 32.07 | 5347 | 35.35 |
| 2 | मई | 5757 | 43.09 | 5567 | 52.96 |
| 3 | जून | 5485 | 50.38 | 5092 | 44.46 |
| 4 | जुलाई | 5412 | 42.62 | 4597 | 54.75 |
| 5 | अगस्त | 4900 | 48.28 | 3673 | 40.21 |
| 6 | सितंबर | 4210 | 43.94 | 4150 | 45.16 |
| 7 | अक्टूबर | 4783 | 47.22 | 4397 | 36.00 |
| 8 | नवंबर | 3205 | 28.80 | 4299 | 56.95 |
| 9 | दिसंबर | 5800 | 47.92 | 5138 | 45.21 |
| 10 | जनवरी | — | — | 6032 | 52.18 |
| 11 | फरवरी | — | — | 6992 | 40.75 |
| 12 | मार्च | — | — | 7999 | 56.04 |
| क्रमांक | माह | 2024 रजिस्ट्री | 2024 राजस्व (₹ करोड़) | 2025 रजिस्ट्री | 2025 राजस्व (₹ करोड़) |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | अप्रैल | 7271 | 107 | 8303 | 84 |
| 2 | मई | 9074 | 116 | 8965 | 130 |
| 3 | जून | 8288 | 93 | 8887 | 118 |
| 4 | जुलाई | 9392 | 113 | 9947 | 150 |
| 5 | अगस्त | 9067 | 106 | 8857 | 138 |
| 6 | सितंबर | 7792 | 84 | 9746 | 145 |
| 7 | अक्टूबर | 9204 | 111 | 8128 | 152 |
| 8 | नवंबर | 7091 | 114 | 8502 | 143 |
| 9 | दिसंबर | 9833 | 100 | 10663 | 167 |
| 10 | जनवरी | — | — | 10392 | 151 |
| 11 | फरवरी | — | — | 12252 | 155 |
| 12 | मार्च | — | — | 13085 | 200 |
रजिस्ट्री: 1,05,936
राजस्व: ₹1,435 करोड़
रजिस्ट्री: 1,17,727
राजस्व: ₹1,739 करोड़
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मुद्रांक के संयुक्त निदेशक संजय तारसे ने बताया कि शहर में पिछले कुछ समय में बड़े प्रोजेक्ट काफी आए हैं। कीमतें भी बढ़ी हैं। निवेश करने वाले आकर्षित हुए हैं। इसके कारण शहर का मार्केट तेजी से बढ़ा है। आंकड़े ही बता रहे है कि किस प्रकार शहर का संपत्ति बाजार सकारात्म हो गया है। वर्तमान में जिस प्रकार से औद्योगिक प्रोजेक्ट आ रहे हैं। उससे भविष्य भी काफी सुनहरा दिख रहा है।
क्रेडाई के पूर्व अध्यक्ष गौरव अग्रवाल ने बताया शहर का विकास किसी एक क्षेत्र में नहीं हो रहा है। शहर के चारों ओर प्रोजेक्ट आ रहे हैं, जिसके कारण हर क्षेत्र में विस्तार हो रहा है और भविष्य में होगा। यह अलग बात है कि कुछ क्षेत्र में ग्रोथ रेट ज्यादा है और कुछ में कम परंतु सिटी के फैलाव के लिए यह अच्छी बात है। भविष्य को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि निवेश का यह उचित समय है। आज सिटी उड़ान भरने के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुका है।
नरेडको के शाहिल तिवारी ने कहा बुनियाद मजबूत हो चुकी है। भविष्य काफी सुनहरा दिखाई दे रहा है। प्रॉपर्टी मार्केट बूम में रहेगा यह कहा जा सकता है। बाहर से लोगों को लाने के लिए जो भी चाहिए, वह सरकार और नेताओं की ओर से किया जा रहा है। यह अच्छी बात है। अभी भी कीमतें दायरे में है। अगर अभी निवेश नहीं किया गया, तो शहर से काफी दूर जाने के लिए तैयार रहना पड़ेगा।