लोको पायलट ने की आत्महत्या (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Central Railway Nagpur Division: मध्य रेल नागपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय परिसर में स्थित रेलवे हॉस्पिटल में शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे एक लोको पायलट ने फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक का नाम तडाली, जिला चंद्रपुर निवासी सुधाकर चुनारकर (50) बताया गया। चुनारकर को इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। घटना की जानकारी मिलते ही मंडल प्रबंधन और अन्य रेल कर्मियों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, 20 मार्च को सुधाकर अपने घर की पहली मंजिल से गिर गए थे। इससे उनके दोनों पैरों में गंभीर फ्रैक्चर हो गया था। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए नागपुर के रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां वार्ड क्रमांक 6 में उनका इलाज चल रहा था।
उनकी देखभाल के लिए उनका भतीजा भी हॉस्पिटल में मौजूद था। शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे सुधाकर बाथरूम गए थे। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर उनके भतीजे को संदेह हुआ। जब उसने अंदर जाकर देखा तो सुधाकर बाथरूम में फांसी पर लटके दिखाई दिये। ये दृश्य देखकर उसकी चीख निकल गई।
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत सदर पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
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हालांकि, सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुधाकर पहले भी तडाली में आत्महत्या की कोशिश कर चुके थे। वास्तव में उनके दोनों पैर छत से कूदकर जान देने के प्रयास में टूटे थे, लेकिन इस बात को छुपाने का प्रयास किया गया। इस घटना के समय उनकी पत्नी भी घर नहीं थी।
उधर, घटना के बाद तुरंत ही सभी रेल युनियनों के मंडल पदाधिकारी और रेलकर्मियों का हास्पिटल में जमावडा लग गया। किसी भी प्रकार की खराब स्थिति को संभालने के लिए बड़ी संख्या में रेलवे सुरक्षा बल के जवान तैनात कर दिये गये। वहीं, मंडल रेल प्रबंधक विनायक गर्ग भी स्वयं हास्पिटल पहुंचे और स्थिति की जानकारी हासिल की।