Nagpur News: प्रभाग 8 में कांग्रेस का दबदबा कायम! 2017 में 45% से अधिक वोट, इस बार भी बढ़त के आसार

Nagpur Prabhag 8 Analysis: नागपुर प्रभाग 8 में घनी आबादी के बावजूद मूलभूत सेवाओं पर जोर, कांग्रेस का मजबूत प्रभाव बरकरार। शिक्षा, व्यापार, वोट समीकरण और 2017 के नतीजों का पूरा विश्लेषण।
Nagpur Prabhag 8 Analysis: नागपुर प्रभाग 8 में घनी आबादी के बावजूद मूलभूत सेवाओं पर जोर, कांग्रेस का मजबूत प्रभाव बरकरार। शिक्षा, व्यापार, वोट समीकरण और 2017 के नतीजों का पूरा विश्लेषण।
नागपुर मनपा महासंग्राम (डिजाइन फोटो)
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Nagpur Nikay Chunav: मोमिनपुरा के प्रभाग-8 का पूरा क्षेत्र चौड़ी सड़कों के साथ ही अधिकांशत: गली और नुक्कड़ की तरह है। घनी आबादी वाला क्षेत्र होने के कारण आम तौर पर कोई भी कार्य करने में खासी परेशानी तो होती है। इसके बावजूद प्रभाग की जनता को मूलभूत सेवा-सुविधाएं मुहैया कराने का हरसंभव प्रयास करने का दावा कांग्रेस के पूर्व पार्षद जुल्फीकार भुट्टो, आशा उईके, सैयदा अंसारी, जिशान अंसारी ने किया।

उन्होंने कहा कि 70 वर्ष पूर्व इस इलाकों में पानी, सीवरेज और अन्य सेवाएं स्थापित की गई थीं जिसके बाद से अब इन वाहिनियों की स्थिति जर्जर हो रही थी। लगातार प्रयास कर इसे बदलने का प्रयास किया है। वर्ष 2017 तक यहां पर दूषित जलापूर्ति की समस्या रहती थी किंतु इसके लिए 12 किमी की पुरानी जलवाहिनी बदलकर नई जलवाहिनी डाली गई जिससे यह समस्या हल हो गई।

काम करने का किया दावा

इसी तरह से सीमेंट की सड़कें, स्कूल का कायाकल्प किया गया है। सबसे अधिक मल-जलवाहिनियां क्षतिग्रस्त होने के कारण इन्हें बदलने के लिए प्रस्ताव तो दिया किंतु मनपा में विरोधी दल की सत्ता होने के कारण क्षेत्र को तवज्जो नहीं दी गई है। बहरहाल अगले 5 वर्ष बचे कार्य करने का दावा भी उन्होंने किया।

बढ़ सकता है व्यापार, रोजगार और शिक्षा

प्रभाग-8 में मनपा की 2 स्कूल हैं। एक स्कूल में 10वीं तक की पढ़ाई की व्यवस्था उपलब्ध है, जबकि दूसरी स्कूल में छात्रों की कमी है। कुछ समय पूर्व इस स्कूल में 11वीं और 12वीं की कक्षाएं शुरू करने के लिए मनपा को प्रस्ताव दिया गया था किंतु प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। पूर्व पार्षदों का मानना है कि यदि इसे मंजूरी मिलती तो यहां के बच्चों को उच्च शिक्षा का विकल्प मिलता था। इसी तरह से अब यहां का कसाईखाना कलमना में स्थानांतरित किया गया है। इमारत खंडहर हो गई। यहां पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तैयार होने से न केवल व्यापार के अवसर तैयार होंगे बल्कि लोगों को रोजगार भी उपलब्ध हो सकता है, साथ ही खंडहर इमारत के आसपास की गंदगी से लोगों को छुटकारा मिल सकेगा।

वर्ष 2017 की स्थिति

जीतने वाले प्रत्याशी वोट्स दूसरे नंबर के प्रत्याशी वोट्स
आशा उईके 17,772 ज्योति बोरीकर 9,161
सैयदा बेगम अंसारी 12,836 मो. कामील अंसारी 10,988
जिशान मुमताज अंसारी 16,238 जैतुनबी अहमद 6,878
जुलफेकार भुट्टो 14,090 जावेद अख्तर 7,673

टिकट के दावेदार

कांग्रेस :- राजू अंसारी, शमीम भादो, आशा उइके, सैयदा बेगम अंसारी, जुल्फीकार भुट्टो, जिशान अंसारी। भाजपा :- ज्योति बोरीकर, मो. कामिल अंसारी, राहुल खंगार, जैतुनबी अहमद, अशफाक पटेल, किशोर उमरेडकर। एआईएमआईएम :- जावेद अख्तर, डॉ. सीमा रशमीन, मो. साजिद, वकारुद्दीन अंसारी, मो. रिजवान, मो. मुजफ्फर, रिजवान अंसारी, पूजा बुंदेले, चेतना मेश्राम, असमा परवीन, अमरीन खान।

प्रभाग में मतदाताओं का समीकरण

कुल जनसंख्या - 70,472 अनुसूचित जाति - 5,133 अनुसूचित जनजाति - 7,746 ओबीसी - 18,000 मुस्लिम - 27,000 अन्य - 10,000

आरक्षण लॉटरी के बाद स्थिति

8-अ अनुसूचित जनजाति (महिला) 8-ब ओबीसी (पुरुष) 8-क सर्वसाधारण (महिला) 8-ड सर्वसाधारण (पुरुष)

कांग्रेस का सुरक्षित गढ़

प्रभाग-8 में सर्वाधिक बसे अल्पसंख्यक वर्ग में भले ही कई राजनीतिक दल घुसपैठ करने का प्रयास कर रहे हों किंतु यह कांग्रेस का गढ़ माना जा रहा है। लंबे समय से यहां पर कांग्रेस ने ही जीत दर्ज की है। कुछ कार्यकर्ता पहले कांग्रेस से जीतकर आने के बाद भले ही दूसरे दलों में चले गए हो किंतु 99 प्रतिशत कांग्रेस के ही प्रत्याशी चुने जाते रहे हैं।

इस बार भी मनपा के आम चुनावों में कांग्रेस के प्रत्याशियों के जीतने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि अभी चुनाव की प्रक्रिया चल ही रही है कि इस प्रभाग से चुनाव लड़ने के इच्छुकों की लंबी कतार लगना शुरू हो गया है। एक ओर मुस्लिम बहुल होने के कारण भाजपा के लिए यहां पर डगर कठिन है वहीं दूसरे दलों के लिए भी फिलहाल कोई आशाएं दिखाई नहीं दे रही हैं।

45 प्रतिशत से अधिक वोट

राजनीतिक जानकारों की मानें तो 70,000 से अधिक मतदाताओं वाले इस प्रभाग में वोटिंग भी काफी होती है। वर्ष 2017 में हुए आम चुनावों का आकलन किया जाए तो कांग्रेस की ओर से जीत दर्ज करने वाले चारों पार्षदों ने 45 प्रतिशत से अधिक वोट लिए थे। आश्चर्यजनक यह है कि एसटी वर्ग से जीत दर्ज करने वाली आशा उईके ने तो 51 प्रतिशत वोट लेकर चौंका दिया था।

हालांकि प्रभाग की चारों सीटों पर कांग्रेस के बागी उम्मीदवारों ने भी ताल ठोकी थी किंतु मतदाताओं ने वोट बंटने नहीं दिया। इसी तरह से एआईएमआईएम और राष्ट्रवादी कांग्रेस के अलावा शिवसेना ने भी यहां पर किस्मत आजमाई थी किंतु कोई भी कांग्रेस की जीत पर असर नहीं डाल पाया था।

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