पिपला रोड पर तालमेल की कमी, गटर लाइन के लिए सड़क कटाई से जनता परेशान, विभागीय लापरवाही पर नागपुर में नाराजगी
Nagpur Pipla Road Issue: पिपला रोड पर निर्माण एजेंसियों में तालमेल की कमी से नई सीमेंट सड़क गटर लाइन के लिए काटी जा रही है। इससे जनता की परेशानी के साथ सरकारी धन की बर्बादी पर सवाल उठे हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर पिपला रोड निर्माण,(प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Road Cutting Controversy: नागपुर शहर के अनेक हिस्सों में विविध तरह के निर्माण कार्य चल रहे हैं, लेकिन इन कार्यों में विभागों के बीच आपसी तालमेल का अभाव साफ दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि एक ओर जहां जनता की परेशानी बढ़ गई है वहीं दूसरी ओर पैसे की बर्बादी भी हो रही है। दक्षिण नागपुर के पिपला रोड पर भी यही स्थिति दिखाई दे रही है।
करीब डेढ़ वर्ष पहले सीमेंट रोड का निर्माण किया गया था, लेकिन इन दिनों गटर लाइन के लिए रोड को काटा जा रहा है। डगे के बंगले से लेकर नाले तक सीमेंट रोड बनाया गया। इस रोड के निर्माण से आवागमन में सुगमता आई थी। साथ ही बारिश के दिनों में होने वाली परेशानी से भी निजात मिली थी लेकिन इन दिनों परिसर में अमृत योजना के तहत गटर लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है।
गटर लाइन का कार्य 2 वर्ष पहले प्रस्तावित था। यानी गटर लाइन बिछाई जाएगी, यह स्पष्ट था। इसके बाद भी समुचित व्यवस्था नहीं की गई। इन दिनों संजय गांधी चौक से लेकर नाले तक गटर लाइन बिछाने के लिए सड़क के एक हिस्से को काटा जा रहा है।
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पहले डामर रोड वाले हिस्से पर लाइन बिछाई गई और अब सीमेंट रोड को काटा जा रहा है। यह कार्य एक माह तक चलने की उम्मीद है। यानी तब तक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
पैसों की की जा रही बर्बादी
शिवसेना नेता दीधक पोहनेकर ने बताया कि विकास कार्य सतत बलने वाली प्रक्रिया है, लेकिन नियोजन भी जरूरी है। अब सीमेट रोड को काटकर गटर लाइन बिछाई जा रही है।
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लाइन बिछाने के बाद भले ही इसमे सीमेटीकरण किया जाएगा, लेकिन पहले जैसी क्वालिटी नहीं रहेगी। इसमें श्रम के साथ ही पैसों की भी बर्बादी हो रही है। इस तरह नई-नई सड़कों की तोड़ना कहां तक उचित है। सभी विभागों को आपस में तालमेल रखकर कार्य करना चाहिए। इससे लोगों की परेशानी भी कम होगी।
