चंद्रपुर जिला वार्षिक योजना 2026-27 पर मंथन, पालकमंत्री अशोक उईके ने विकास कार्यों की समीक्षा

Chandrapur Annual Plan Review: पालकमंत्री डॉ. अशोक उईक ने जिला वार्षिक योजना 2026-27 की समीक्षा कर विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन और बजट उपयोग पर विशेष जोर दिया।
Deliberations on the Chandrapur District Annual Plan 2026-27; Guardian Minister Ashok Uike Reviews Development Works.
अशोक उईक समीक्षा बैठक, (प्रतिकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)
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Chandrapur District Development Budget: चंद्रपुर राज्य के आदिवासी विकास मंत्री एवं जिले के पालकमंत्री डॉ. अशोक उईक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जिला वार्षिक योजना की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तावित विकास कार्यों, उनके नियत बजट और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

नियोजन भवन में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में विधायक देवराव भोंगले, करण देवतले, जिलाधिकारी वसुमना पंत, मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह, मनपा आयुक्त अकुनुरी नरेश, उपवनसंरक्षक कुमारस्वामी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

अप्रैल से जून तक प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश

बैठक में पालकमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी विभाग अप्रैल से जून 2026 के बीच नियोजन विभाग को अपने प्रस्ताव प्रस्तुत करें। इन प्रस्तावों में वर्षभर किए जाने वाले विकास कार्यों और उनके प्रभावी अमल की स्पष्ट रूपरेखा शामिल होनी चाहिए। उन्होंने विभागों को जिले में नवाचार आधारित योजनाएं लागू करने पर भी जोर दिया।

विधायकों ने उठाए जनसमस्या के मुद्दे

विधायक देवराव भोगले ने बैठक में कहा कि नियमित कर्ज चुकाने वाले किस्सनों को तुरंत नया कर्ज मिलना चाहिए, लेकिन बैंकों द्वारा अनावश्यक देरी की जा रही है। उन्होंने जिला अग्रणी बैंक से इस संबंध में त्वरित कार्रवाई की मांग की, साथ ही सभी तहसील खेल संकुलों में कुश्ती और कबड्डी के लिए मैट उपलब्ध कराने की मांग भी की, बैठक में जिलाधिकारी वसुमना पंत द्वारा प्रस्तुतिकरण किया गया और जिले के विकास कायर्यों की दिशा तय की गई।

ग्रामीण सड़क और शहरी सुविधाओं पर जोर

जिन गांवों में सड़कों की अत्यधिक आवश्यकता है, वहां प्राथमिकता से सड़क निर्माण करने और इसके लिए पर्याप्त निधि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। चंद्रपुर महानगरपालिका को शहर में उच्चस्तरीय अध्ययन कक्ष (स्टडी रूम) विकसित करने के निर्देश दिए गए।

सीमावर्ती गांवों में सौर ऊर्जा का लक्ष्य

महावितरण को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र-तैलगाना सीमा के गांवी को 100 प्रतिशत सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में काम किया जाए, साथ ही किसानों को समय पर कर्ज उपलब्ध कराने के लिए बैंकों को सख्त निर्देश देने और शिकायतों को खत्म करने के लिए जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक को उचित योजना बनाने को कहा।

शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान

जिवती में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए, खेल विभाग को युवाओं के लिए टिकाऊ खेल सुविधाए विकसित करने को कहा गया, सरकारी अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, बैठने की सुविधा और स्वच्छ शौचालय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। आंगनवाड़ियों में भी पेयजल और शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य करने को कहा गया

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