उम्मीदवारी को लेकर भगदड़ (डिजाइन फोटो)
Nagpur Local Elections: खुद को अजेय बताने वाली पार्टी से लेकर सत्ता की कुर्सी में जमे दलों के साथ ही विपक्ष की मजबूत पार्टियों में इस निकाय चुनाव के पहले ही चरण में जो भगदड़ देखने को मिली है उससे उनके दावे खोखले साबित हो रहे हैं। जीत सकने वाले उम्मीदवारों को मैदान में उतारने के लिए सत्ताधारी दल ही एक दूसरे के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को तोड़ते-फोड़ते नजर आए।
महायुति में शामिल तीनों दलों में सबसे ज्यादा भगदड़ देखने को मिली। शिंदे सेना ने भाजपा के कई उम्मीदवार अपने पाले में कर लिए तो राष्ट्रवादी ने भी भाजपा के उम्मीदवारों को तोड़ा। इसका असर मुंबई तक पहुंचा। मंगलवार की कैबिनेट बैठक में इसी मुद्दे पर नाराज होकर शिंदे सेना के मंत्रियों ने बैठक का बहिष्कार किया।
बाद में उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी नाराजगी भी जताई तो सीएम ने उन्हें उनका आईना भी दिखाया। नागपुर जिले में भी जो भगदड़ मची है और कहीं का कार्यकर्ता कहीं का उम्मीदवार बना है, इसे देखकर तो कार्यकर्ता परेशान हैं और मतदाता भ्रमित हो गए हैं।
जिले में पहली बार भाजपा और कांग्रेस जैसे बड़े दलों को भी उम्मीदवार ‘आयात’ करने पड़े या दूसरों से छीनने पड़े। इससे मतदाता इन दलों की ताकत और किए गए दावों पर शक करने लगे हैं। वहीं कार्यकर्ता उलझन में हैं कि कल तक साथ रहने वाले नेताओं का समर्थन करें या नहीं। जिले में किस तरह तोड़ाफोड़ी हुई और एक दूसरे के घर पर सेंध लगाई गई उसके कुछ उदाहरण चौंकाने वाले हैं।
यह भी पढ़ें – आतंकियों के निशाने पर RSS मुख्यालय! छावनी में तब्दील हुई हर गली, 2006 जैसे हमले की आशंका
1. मौदा में भाजपा ने अपने उम्मीदवार को हटाकर कांग्रेस से आए प्रसन्ना तिडके पर भरोसा जताया।
2. कामठी में कांग्रेस के शहाजहा शफाअत अंसारी (साजा सेठ) ने कांग्रेस छोड़कर राकां की घड़ी बांध ली।
3. मोवाड में पूर्व नगरसेविका वर्षा नासरे ने भाजपा छोड़कर राष्ट्रवादी (शरद पवार) ज्वॉइन किया।
4. खापा में भाजपा के खेमराज बारापात्रे और प्रफुल्ल मोहटे ने भाजपा छोड़कर शिंदे सेना का रुख किया।
5. सावनेर में कांग्रेस के गोपाल घटे की पत्नी वैशाली घटे ने राष्ट्रवादी अजित पवार गुट में प्रवेश किया।
6. उमरेड में भाजपा पूर्व जिला उपाध्यक्ष दिलीप सोनटक्के को टिकट न मिलने पर उनकी पत्नी शालिनी सोनटक्के शिंदे सेना में शामिल हो गईं।
7. भाजपा पदाधिकारी धनंजय अग्निहोत्री की पत्नी धनश्री को टिकट नहीं मिली तो शिवसेना और निर्दलीय दोनों नामांकन भर दिया।
8. पूर्व नगरसेविका अरुणा हजारे ने भी निर्दलीय के रूप में पर्चा भरा।
9. वानाडोंगरी में भाजपा ने पूर्व नगरसेविका व पूर्व सरपंच महानंदा पाटिल को टिकट नहीं दिया तो ठाकरे गुट ने उन्हें अपने टिकट पर चुनाव में उतारा।
10 बहादुरा नगर पंचायत में भाजपा की संगीता गायकवाड़ को शिंदे सेना ने अपने पाले में कर लिया।
11. कन्हान-पिंपरी में पूर्व नगराध्यक्ष डॉ। मनोहर पाठक ने भाजपा छोड़कर राष्ट्रवादी अजित पवार गुट का दामन थामा।