न्यू बॉर्न बेबी (AI Generated Photo)
Medical Mayo Daga Hospital Delivery: कुछ तिथियां ऐसी होती हैं कि उस दिन सगाई, विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्य शुभ माने जाते हैं और ये तिथियां जीवन भर यादगार बन जाती हैं। 15 अगस्त, 26 जनवरी, 31 दिसंबर, 1 जनवरी आदि तिथियों पर नवजात का जन्म होने पर परिजनों को दोहरी खुशियां मिलती हैं। इस बार सिटी के सरकारी अस्पतालों में नववर्ष के पहले दिन होने वाली कुल डिलीवरी में बेटियों की संख्या अधिक रही।
बेटियों की किलकारियों से परिवार में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। मेडिकल, मेयो व डागा अस्पताल में 31 दिसंबर की रात 12 बजे से 1 जनवरी को शाम 5 बजे तक कुल 62 डिलीवरी हुई। इनमें 34 बेटियां और 28 बेटों का समावेश रहा। मेडिकल में 17 बेटे व 15 बेटियां, मेयो में 4 बेटे व 4 बेटियां तथा डागा अस्पताल में 7 बेटे व 15 बेटियों ने जन्म लिया।
कुल 62 नवजातों ने इन अस्पतालों ने नववर्ष पर दुनिया में कदम रखा। बेटियों की संख्या बेटों की तुलना में 6 ज्यादा है। वहीं प्रतिशत में यह आंकड़ा बेटों का जन्म दर 45.16 फीसदी और बेटियों का जन्म दर 54.83 फीसदी है। बेटियों का जन्म दर 9.67 प्रतिशत अधिक है।
62 – कुल डिलीवरी
34 – बेटियां
28 – बेटों का हुआ जन्म
| अस्पताल | बेटा | बेटियां |
|---|---|---|
| मेडिकल | 17 | 15 |
| मेयो | 4 | 4 |
| डागा | 7 | 15 |
2024 में कुल 43,906 जन्म दर्ज किये गये थे। इनमें 22,511 बेटे व 21,391 बेटियों का समावेश था। तब बेटों का जन्मदर 51.27 फीसदी और बेटियों का 48.71 फीसदी था। यानी बेटियों की तुलना में बेटे अधिक थे लेकिन इस बार नववर्ष की शुरुआत में ही बेटियों का जन्मदर अधिक देखने को मिला। इनके अलावा प्राइवेट अस्पतालों में भी करीब 50 से अधिक डिलीवरी हुई।
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नार्मल डिलीवरी प्राकृतिक तरीके से होती है, लेकिन सिजेरियन के वक्त परिजन तिथि और समय तय करते हैं। यानी डिलीवरी का समय पूरा होने पर परिजन ही तिथि और समय पर सिजेरिशन करने की मांग डॉक्टर से करते हैं। यही वजह है कि जीवन में तिथि का महत्व बढ़ने लगा है।
मेडिकल की स्त्रीरोग व प्रसूति विभाग की प्रमुख डॉ. रितुजा फुके ने बताया कि अब बेटी हो या बेटा, फर्क नहीं किया जाता। यह समाज में हो रहे सकारात्मक बदलाव का असर है। इससे लिंग संतुलन को बनाए रखने में भी मदद मिली है। सरकारी नियम सख्त होने से लिंग भ्रूण की पहचान नहीं होने से अब समाज जो भी मिला उसे सहर्ष स्वीकार करने की मानसिकता बना चुका है।