डागा अस्पताल में नवजात की मौत से बवाल, वेंटिलेटर में गड़बड़ी की आशंका, जांच समिति गठित

Nagpur Daga Hospital: नागपुर के डागा अस्पताल में नवजात की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों ने वेंटिलेटर गड़बड़ी पर सवाल उठाए। जांच समिति गठित।
Nagpur Daga Hospital: नागपुर के डागा अस्पताल में नवजात की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों ने वेंटिलेटर गड़बड़ी पर सवाल उठाए। जांच समिति गठित।
डागा अस्पताल (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Newborn Death: डागा स्मृति शासकीय स्त्री अस्पताल में एक महिला की प्रसूति हुई लेकिन कुछ देर में नवजात की तबीयत गंभीर हो गई। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। इस बीच उसकी मौत हो गई। परिजनों डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिसर में हंगामा किया। इस बीच वैद्यकीय अधीक्षक डॉ. दिलीप मडावी ने परिजनों से संवाद साधकर मृत्यु प्रकरण की जांच का आश्वासन दिया।

बताया गया कि मंगलवार को 25 वर्षीय एक महिला की प्रसूति हुई। कुछ देर बाद जब नवजात की स्थिति गंभीर होने लगी तो उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। परिजनों को बताया गया कि जल्द ही स्थिति में सुधार होगा लेकिन बुधवार को नवजात ने दम तोड़ दिया। बताया गया कि नवजात को श्वसन में दिक्कतें थीं। उसकी सांस अटक रही थी। माना जा रहा है कि वेंटिलेटर में गड़बड़ी या नियोजन योग्य तरीके से नहीं हो सका।

परिजनों का कहना है कि नवजात की हालत इतनी भी गंभीर नहीं थी। वेंटिलेटर के प्रबंधन में ही गड़बड़ी हुई है। यह भी बताया गया कि अस्पताल में वेंटिलेटर प्रबंधन के लिए विशेषज्ञों की कमी है। इस वजह से क्रिटिकल मामलों में देखभाल में अक्सर गड़बड़ी होती है। इससे पहले भी कुछ मामले सामने आये हैं।

तनाव की बनी स्थिति

घटना के बाद परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। ऑपरेशन थियेटर के सामने ही हंगामा शुरू कर दिया। अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। पश्चात परिजन वैद्यकीय अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। संपूर्ण घटना की जानकारी दी।

शिकायत के बाद मामले की जांच करने का आश्वासन दिया गया। हंगामे की वजह से कुछ देर के लिए अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बनी हुई लेकिन अब तक पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। फिलहाल महिला वार्ड क्रमांक 6 में भर्ती है लेकिन नवजात की मृत्यु के बाद से रो-रोकर बुरा हाल है।

क्या बोले डॉक्टर?

डॉक्टरों ने नवजात को समय पर ही वेंटिलेटर लगाया। वेंटिलेटर शुरू ही था। प्रसूति रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञों ने सभी तरह के प्रयास किये। डागा में मृत्यु दर बहुत कम यानी 0.1 फीसदी है। परिजनों को समूची स्थिति के बारे में बताया गया लेकिन उनकी शिकायत के आधार पर जांच समिति गठित की गई है। मामले की जांच की जाएगी। इसमें मृत्यु के कारण का पता चल जाएगा।

- डॉ. दिलीप मडावी, वैद्यकीय अधीक्षक, डागा अस्पताल

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