‘सरकार लौटा सकती है मेरी बेटी?’ NEET Protest में नागपुर सुसाइड विक्टिम की मां का कलेजा चीरने वाला सवाल
NEET Suicide Victim Mother Neelam Chaturvedi: नीट पेपर लीक से परेशान होकर जान देने वाली आकांक्षा चतुर्वेदी की मां नीलम चतुर्वेदी का नागपुर प्रदर्शन में छलका दर्द। सरकार से पूछा सवाल।
- Written By: अनिल सिंह
नागपुर नीट विक्टिम आकांक्षा की मां नीलम चतुर्वेदी (फोटो क्रेडिट-X)
Nagpur NEET Suicide Case: देशभर में गहराते नीट परीक्षा पेपर लीक विवाद और उससे जुड़े छात्र असंतोष के बीच महाराष्ट्र के नागपुर शहर से एक अत्यंत हृदयविदारक तस्वीर सामने आई है। नीट-यूजी परीक्षा के विवादों में फंसने और रद्द होने से परेशान होकर आत्महत्या करने वाली छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी की मां नीलम चतुर्वेदी नागपुर के ऐतिहासिक संविधान चौक पर जारी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं।
हाथों में अपनी मृत बेटी की तस्वीर थामे नीलम चतुर्वेदी ने वहां मौजूद सैकड़ों लोगों के सामने जब अपना दर्द बयां किया, तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। रोते हुए उन्होंने सरकार और पुलिसिया दमन पर कड़े सवाल दागे।
हम तो जिंदा लाश बनकर रह गए हैं
संविधान चौक पर भावुक होते हुए नीलम चतुर्वेदी ने कहा कि कर्ज लेकर बेटी की कोचिंग का खर्च उठाने वाले गरीब माता-पिता का सब कुछ तबाह हो गया है। उन्होंने रोते हुए पूछा, “जिन मां-बाप ने अपने बच्चों को इस अव्यवस्था के कारण खो दिया है, क्या यह सरकार उन्हें वापस लौटा सकती है? नेताओं और मंत्रियों के बच्चे तो विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन हमारे जैसे गरीबों के बच्चों के सपनों के साथ खिलवाड़ हो रहा है।”
सम्बंधित ख़बरें
चंद्रपुर में नकली सोयाबीन बीज का बड़ा फर्जीवाड़ा, 17 किसानों की फसल चौपट, कंपनी-सप्लायर पर एफआईआर
मुंबई में कुत्ते काटने के मामले 20% बढ़े: BMC चलाएगी 23 करोड़ का नसबंदी और मुफ्त रैबीज टीकाकरण अभियान
अभिजीत दीपके को हुआ टाइफाइड; CJP प्रवक्ता सौरव दास का बड़ा खुलासा, भगदड़ और हिंसा भड़काने की हो रही साजिश!
लाडकी बहिण योजना में बड़ा उलटफेर: E-KYC जांच में 80 लाख महिलाएं अपात्र; 1.66 करोड़ को ही मिलेगा लाभ
उन्होंने कहा कि सरकार की लाठियां और पुलिसिया दमन उनका दर्द नहीं मिटा सकता। नीलम ने मांग की कि पेपर लीक करने वाले माफियाओं और दलालों को सीधे फांसी की सजा दी जानी चाहिए ताकि किसी और बच्चे की बलि न चढ़े। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की।
ये भी पढ़ें- शौचालय में छिपा तेंदुए ने ग्रामीणों पर किया हमला! भंडारा में दो लोग जख्मी, गांव में वन विभाग की टीम मुस्तैद
20 मई को आकांक्षा ने की थी खुदकुशी
मूल रूप से मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की रहने वाली आकांक्षा चतुर्वेदी नागपुर के एक प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 3 मई की परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और उसके बाद पैदा हुई अनिश्चितता से आहत होकर आकांक्षा ने 20 मई को फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी।
संविधान चौक पर आयोजित इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में लगभग 500 नागरिक, छात्र और एक्टिविस्ट शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने शायरियों, कविताओं और नारों के जरिए परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ अपनी आवाज उठाई।
नागपुर की सड़कों पर दिखा भारी आक्रोश
शाम होते ही ‘नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया’ (NSUI) के नेतृत्व में राम नगर चौक से लक्ष्मी भुवन चौक तक एक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च में करीब 400 नागरिक और 12 से 14 वर्ष के स्कूली बच्चे हाथों में मोमबत्तियां और कार्ड लेकर सबसे आगे चल रहे थे।
नागपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडाधे पाटिल ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। लक्ष्मी भुवन चौक पर आत्महत्या करने वाले सभी मृत छात्रों की बिना चेहरे वाली तस्वीरों के सामने दीये जलाकर दो मिनट का मौन रखा गया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विनीता साहू ने बताया कि पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और आंदोलन शांतिपूर्ण रहा।
