राहुल गांधी ने खुदकुशी करने वाली आकांक्षा चतुर्वेदी के परिजनों से की बात, न्याय दिलाने का दिलाया भरोसा

Akanksha Chaturvedi Case: मऊगंज की दिवंगत छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी के माता-पिता से राहुल गांधी ने फोन पर बात की। उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने और मदद का भरोसा दिया। 3 लाख रुपये की सहायता भी दी।
Rahul Gandhi Akanksha Chaturvedi Family
आकांक्षी चतुर्वेदी और राहुल गांधी (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Rahul Gandhi Talks Akanksha Chaturvedi Family: NEET परीक्षा से जुड़े विवाद और परीक्षा निरस्त होने के बाद मानसिक रूप से आहत होकर नागपुर में आत्महत्या करने वाली मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले की छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी के परिवार से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव मदद और न्याय की लड़ाई में साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।

आकांक्षा चतुर्वेदी के परिवार के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए एनएसयूआई की ओर से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मंजुल त्रिपाठी मऊगंज जिले के नई गड़ी गांव पहुंचे। यहां उन्होंने आकांक्षा के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। पूर्व में एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने परिवार से मुलाकात के दौरान राहुल गांधी से बातचीत कराने का आश्वासन दिया था, जिसे अब पूरा किया गया।

न्याय की लड़ाई में साथ खड़ी है कांग्रेस

मोबाइल पर हुई बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि आकांक्षा चतुर्वेदी के साथ जो अन्याय हुआ है, उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि न्याय की इस लड़ाई में कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी रहेगी।

आकांक्षा के परिजन राहुल गांधी से फोन पर बात करते हुए
आकांक्षा के परिजन राहुल गांधी से फोन पर बात करते हुए

हर मदद देने का दिया भरोसा

बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने आकांक्षा की मां से पूछा कि यदि किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो तो वे अवश्य बताएं। इस पर भावुक होते हुए आकांक्षा की मां ने कहा 'आप तो खुद देश की रक्षा कर रहे हैं, मेरा जो चला गया वह अब लौटकर तो नहीं आएगा।'

3 लाख रुपए की आर्थिक सहायता

इस बीच एनएसयूआई की ओर से परिवार को आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई। पहले दी गई 2.50 लाख रुपये की मदद के अलावा केसीसी ऋण की शेष 50 हजार रुपये की राशि भी परिवार को सौंप दी गई। इसके साथ ही कुल 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता आकांक्षा के परिजनों को उपलब्ध कराई जा चुकी है।

न्याय की मांग को उठाएगा संगठन

मंजुल त्रिपाठी ने कहा कि यह केवल आर्थिक सहायता का मामला नहीं है, बल्कि एक बेटी को न्याय दिलाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि संगठन आगे भी परिवार के साथ खड़ा रहेगा और न्याय की मांग को मजबूती से उठाता रहेगा।

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