Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

किसके पास होगी मनपा की “तिजोरी की चाबी”? किसके सिर सजेगा स्थायी समिति सभापति का “ताज”?

Standing Committee Chairman: नागपुर महानगरपालिका में महापौर के बाद सबसे अहम स्थायी समिति सभापति पद को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं और भाजपा के भीतर नामों पर मंथन जारी है।

  • Written By: आंचल लोखंडे
Updated On: Jan 23, 2026 | 10:04 PM

Standing Committee Chairman (सोर्सः सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Nagpur Municipal Election: नागपुर महानगरपालिका में महापौर पद के बाद सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली पद स्थायी समिति सभापति का माना जाता है। स्थायी समिति सभापति के पास मनपा की “तिजोरी की चाबी” होती है, क्योंकि शहर में होने वाले अधिकांश विकास कार्यों के लिए निधि का आवंटन इसी समिति के माध्यम से किया जाता है। हालिया चुनावी नतीजों के बाद अब महानगरपालिका में स्थायी समिति सभापति का चयन राजनीतिक गलियारों में सबसे अधिक चर्चा का विषय बना हुआ है।

यह तय माना जा रहा है कि स्थायी समिति सभापति भाजपा का ही होगा, लेकिन अब तक किसी नाम पर आधिकारिक चर्चा न होने के कारण यह सवाल गहराता जा रहा है कि आखिर किसके हाथों में मनपा की आर्थिक कमान आएगी और किसके सिर यह ताज सजेगा। इसे लेकर कुछ वरिष्ठ पार्षदों में बेचैनी भी देखी जा रही है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार सभापति पद के चयन में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आपसी सहमति ही निर्णायक होगी। फरवरी के पहले सप्ताह में महापौर चुनाव के तुरंत बाद पहले स्थायी समिति के 16 सदस्यों और फिर सभापति का चुनाव संपन्न होगा।

तो फिर पूर्व नागपुर से खुल सकती है किस्मत

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, महापौर पद महिला वर्ग के लिए आरक्षित होने के कारण स्थायी समिति सभापति पद पुरुष वर्ग से दिए जाने की संभावना है। पूर्व नागपुर से बाल्या बोरकर, बंटी कुकडे और पिंटू झलके जैसे वरिष्ठ पार्षदों को पहले भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल चुकी हैं। बाल्या बोरकर और पिंटू झलके स्थायी समिति के सभापति रह चुके हैं, हालांकि पिंटू झलके का कार्यकाल कोरोना काल की भेंट चढ़ गया था। ऐसे में यदि पूर्व नागपुर को फिर मौका मिलता है, तो पिंटू झलके का नाम दोबारा चर्चा में आ सकता है।
वहीं, बंटी कुकडे को पूर्व में परिवहन समिति सभापति और भाजपा शहर अध्यक्ष का पद मिल चुका है, लेकिन अब तक स्थायी समिति सभापति का अवसर नहीं मिला।

सम्बंधित ख़बरें

Nagpur Crime: पुरानी रंजिश का खूनी अंत, बजरंग दल के पूर्व शाखा अध्यक्ष की बेरहमी से हत्या

Nagpur News: आंबेडकर भवन उसी जगह बनेगा, वरना कोई प्रोजेक्ट नहीं होने दूंगा: पालक मंत्री

Nagpur News: 6 फरवरी तक महापौर चुनाव, प्रशासन की तैयारी पूरी, जल्द नोटिस पर लगेगी मुहर

वर्धा: MGIMS और कस्तूरबा हेल्थ सोसायटी, सेवाग्राम में कर्मियों ने किया आंदोलन, नियमितीकरण और वेतनमान की मांग

तो दिवे, हिरणवार और गवई की भी बन सकती है लॉटरी

जानकारी के अनुसार, पिछली सत्ता में उत्तर नागपुर से वीरेंद्र कुकरेजा को स्थायी समिति सभापति बनाया गया था। ऐसे में इस बार उत्तर नागपुर को दोबारा यह पद मिलना मुश्किल माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पार्षद दिलीप दिवे को पहले केवल शिक्षण समिति सभापति बनाया गया था, जबकि सुनील हिरणवार को अब तक कोई बड़ा पद नहीं मिल पाया। वहीं, भाजपा के वरिष्ठ पार्षद संदीप गवई को तीन कार्यकाल पूरे करने के बावजूद अब तक कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है। इस कारण इस बार उनके नाम पर सहमति बनने की भी प्रबल संभावना जताई जा रही है।

भाजपा की आंतरिक रणनीति

भारी बहुमत मिलने के बाद भाजपा नेतृत्व, विशेषकर देवेंद्र फडणवीस और नितिन गडकरी गुट, आपसी संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रहा है। चर्चा है कि पार्टी किसी ऐसे अनुभवी पार्षद को मौका देना चाहती है, जो चार वर्षों के प्रशासक राज के बाद पटरी से उतरी महानगरपालिका की आर्थिक व्यवस्था को संभाल सके।
इसके साथ ही पश्चिम, दक्षिण और पूर्व नागपुर के बीच क्षेत्रीय संतुलन बनाने के लिए भी सभापति पद का उपयोग किया जा सकता है। इस बार कई शिक्षित और युवा पार्षद चुनकर आए हैं, जिन्हें स्मार्ट सिटी और आधुनिक विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए आगे लाया जा सकता है।

ये भी पढ़े: NIA अधिकारी बनकर साइबर ठगी, मुंबई में पूर्व BMC ठेकेदार को लगाई 16.5 लाख की चपत

नए सभापति के सामने होंगी “बड़ी” चुनौतियां

  • अमृत 2.0 योजना: केंद्र सरकार की जल योजनाओं के लिए फंड का प्रभावी और पारदर्शी आवंटन।
  • नाग नदी प्रकल्प: केंद्रीय मंत्री गडकरी के महत्वाकांक्षी नाग नदी प्रोजेक्ट को वित्तीय गति देना।
  • प्रशासक राज के टेंडर: पिछले चार वर्षों में प्रशासक द्वारा लिए गए बड़े वित्तीय निर्णयों की समीक्षा।
  • राजस्व वृद्धि: संपत्ति कर वसूली को डिजिटल और प्रभावी बनाकर मनपा की आय बढ़ाना।

Nagpur municipal standing committee chairman election

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 23, 2026 | 10:04 PM

Topics:  

  • Maharashtra
  • Nagpur News
  • NMC

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.