Nagpur Municipal Corporation (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nagpur Mayor Election: नागपुर महानगरपालिका के चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भले ही अब तक नियमों के अनुसार किसी भी दल ने विभागीय आयुक्तालय में अपने-अपने गुट का पंजीयन नहीं कराया हो, लेकिन महापौर चुनाव को लेकर मनपा प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। महापौर चुनाव के लिए होने वाली मनपा की पहली विशेष सभा का नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी लगभग पूरी कर ली गई है और अब केवल इस नोटिस पर अंतिम मुहर लगनी बाकी है।
सूत्रों के अनुसार, महापौर का चुनाव 6 फरवरी तक संपन्न कराए जाने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि महापौर चुनाव से पूर्व सभी राजनीतिक दलों के गुटों का पंजीयन अनिवार्य होता है। मनपा की सभा में महापौर चुनाव के दौरान मतदान की गणना गुटों के आधार पर की जाती है, इसलिए प्रशासन के पास गुट पंजीयन के साथ पार्षदों की सूची उपलब्ध होना जरूरी है। वर्तमान में महापौर चुनाव केवल पंजीयन की प्रक्रिया के कारण अटका हुआ है।
मनपा के आम चुनाव परिणामों के अनुसार भाजपा के पास 102 पार्षद हैं। 151 सीटों वाली महानगरपालिका में बहुमत के लिए 76 पार्षदों की आवश्यकता होती है, ऐसे में भाजपा का महापौर बनना लगभग तय माना जा रहा है। दूसरी ओर, विपक्षी दल कांग्रेस के पास केवल 34 पार्षद हैं। इसके बावजूद कांग्रेस की ओर से महापौर और उपमहापौर पद के लिए प्रत्याशी उतारने की तैयारी की जा रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि किसी भी स्थिति में महापौर और उपमहापौर का चुनाव निर्विरोध नहीं होने दिया जाएगा। वर्ष 2017 के चुनाव में भी भाजपा के पास 108 और कांग्रेस के पास 29 पार्षद थे, फिर भी चुनाव लड़ा गया था। इस बार भी इसी तरह की स्थिति बनने की संभावना है।
मनपा की ओर से महल स्थित पुराने नगर भवन को तोड़कर नए नगर भवन का निर्माण किया जा रहा है। यह भवन कई महापौर चुनावों का साक्षी रहा है, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा होने के कारण मनपा की पहली विशेष सभा रेशिमबाग स्थित सुरेश भट सभागृह में आयोजित की जाएगी। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जानकारी के अनुसार, नए नगर भवन में प्रस्तावित सभागृह को तैयार होने में अभी कम से कम छह महीने का समय लगेगा। ऐसे में आगामी कुछ महीनों तक मनपा की सभाएं सुरेश भट सभागृह में ही होंगी।
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