Ambazari Garden Controversy (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ambedkar Bhavan Nagpur: अंबाझरी उद्यान स्थित डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सांस्कृतिक भवन को गिराए जाने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। शुक्रवार को नियोजन भवन में आयोजित जिला नियोजन समिति (डीपीसी) की बैठक में पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अधिकारियों के ढुलमुल रवैये पर तीव्र नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आंबेडकर भवन उसी स्थान पर दोबारा बनाया जाएगा, जहां उसे गिराया गया था।
बैठक में पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ. नितिन राऊत ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि पिछली बैठक में आदेश दिए जाने के बावजूद अब तक भवन निर्माण शुरू नहीं हुआ है। इस पर अधिकारियों ने सफाई दी कि भूमि को टीन की चादरों से घेर दिया गया है और निजी कंपनी के गार्ड किसी को अंदर प्रवेश नहीं करने दे रहे हैं। पर्यटन विभाग ने इस मामले में अदालत द्वारा दिए गए स्थगन आदेश का हवाला भी दिया।
इस पर पालक मंत्री बावनकुले ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि अदालत का स्थगन प्रस्तावित नए प्रोजेक्ट पर है, न कि आंबेडकर भवन के पुनर्निर्माण पर। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री से चर्चा हो चुकी है और भवन निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये की मंजूरी दी जा चुकी है। यदि सांस्कृतिक भवन का निर्माण नहीं हुआ, तो वहां किसी भी अन्य प्रोजेक्ट को आगे बढ़ने नहीं दिया जाएगा।
भवन निर्माण में हो रही देरी पर पालक मंत्री ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा आंबेडकरवादी समाज की भावनाओं से जुड़ा हुआ है और पूर्व में इस विषय को लेकर बड़े आंदोलन हो चुके हैं। यदि दोबारा आंदोलन होता है और नागपुर की कानून-व्यवस्था प्रभावित होती है, तो इसके लिए संबंधित अधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।
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पालक मंत्री ने मनपा, पर्यटन विभाग और सार्वजनिक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि वे कानूनी अड़चनों को स्पष्ट रूप से समझें और आपसी समन्वय के माध्यम से इस मुद्दे का तत्काल समाधान करें।