नागपुर चुनाव में गजब लापरवाही: पत्नी नागपुर में तो मां का वोट ‘औरंगाबाद’ शिफ्ट, सिस्टम पर भड़के वोटर्स!
Nagpur Municipal Election Updates: दक्षिण नागपुर में मतदाता सूची का बुरा हाल। पति-पत्नी के सेंटर अलग, तो किसी का नाम औरंगाबाद भेजा। हनुमान नगर में चला 'नोटा' का जादू।
- Written By: प्रिया जैस
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी (सौजन्य-नवभारत)
Nagpur News: बहुप्रतीक्षित मनपा चुनाव के लिए गुरुवार को वोटिंग हो गई लेकिन इस बार मतदाता सूची में ऐसी-ऐसी गड़बड़ियां उजागर हुईं जो हैरत करने वाली हैं। वोटर लिस्ट में सुधार का दावा करने वाले चुनाव विभाग ने तो पति-पत्नी को ही अलग-अलग कर दिया। हर चुनाव में एक ही बूथ पर नाम रहा करता था लेकिन इस चुनाव में पति और पत्नी के नाम अलग-अलग सेंटर्स में कर दिया गया।
इससे उनमें भारी रोष था, लेकिन दोनों ने अपने मतदान का कर्तव्य जरूर निभाया। नेहरूनगर जोन में बड़ा ताजबाग के समीप स्थित उर्दू स्कूल में वोट देने आई सोनझरी बस्ती निवासी शुभांगी रोहनकर ने बताया उनके पति रोशन का नाम छोटा ताजबाग दरगाह के समीप स्कूल में था लेकिन उनका नाम वहां नहीं मिला। काफी खोजबीन के बाद उन्हें अपना नाम इस स्कूल में मिला तो वे आई हैं। इसमें उनका काफी समय बर्बाद हो गया।
वरिष्ठ अधिकारी का नंबर दे दो
रघुजीनगर माध्यमिक विद्यालय में एक कक्ष के सामने बुजुर्ग व्यक्ति कक्ष अधिकारी से भिड़े हुए थे। उनका नाम सूची से गायब था। वे उस अधिकारी से उनके बड़े अधिकारी का नंबर मांग रहे थे लेकिन अधिकारी का कहना था कि उन्हें अपने अधिकारियों के नंबर देने की अनुमति नहीं है। इस पर वे भड़के हुए थे।
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वसंता सांगले नामक व्यक्ति उन्हें कह रहे थे कि वे भी चुनाव अधिकारी के रूप में कई चुनाव करवा चुके हैं। अब रिटायर्ड हो गए हैं। ऐसा कोई निर्देश नहीं होता कि किसी का नंबर नहीं दे सकते। इन रिटायर्ड चुनाव अधिकारी का नाम भी लिस्ट से कट गया था। उन्होंने बताया कि मेरी पुणे में रहने वाली बेटी का नाम है लेकिन मेरा काट दिया गया।
धीमी हुई शुरुआत
दक्षिण नागपुर के अमूमन सभी मतदान केन्द्रों पर सुबह 7.30 से बेहद धीमी शुरुआत हुई। 9.30 बजे तक बूथ में इक्का-दुक्का लोग ही नजर आए। इन दो घंटों में लगभग 7 से 8 प्रतिशत ही मतदान हुआ था। उसके बाद 10 बजे से सभी सेंटर्स में भीड़ बढ़ने लगी।
संजूबा हाईस्कूल, इंटरनेशनल कम्युनिटी स्कूल, पीली स्कूल ताजबाग, राजे रघुजीनगर माध्यमिक विद्यालय, आदर्श स्कूल, साउथ प्वाइंट, शिवराज माध्यमिक शाला, शाहू गार्डन स्कूल सहित लगभग सभी सेंटर्स में कतारें लगी नजर आईं। 1.30 बजे तक वोटिंग का प्रतिशत 25 से 30 फीसदी तक पहुंच गया। उसके बाद के दो घंटे में 3.30 बजे तक करीब 42 फीसदी मतदान हुआ था।
ईवीएम मशीनें भी बंद, प्रभाग भी बदला
प्रभाग 30 के संजूबा स्कूल में 7.30 बजे एक कमरे में ईवीएम शुरू नहीं हो पायी जिसके चलते वोटिंग शुरू होने में देरी हुई। वहीं कुछ वोटर्स ने बताया कि संजय गांधी स्कूल में मशीनों में अ, ब, क, ड सीरियल से उम्मीदवारों के नाम होने चाहिए लेकिन 2 मशीनों ड, क, अ, ब सीरियल था। इस पर कुछ लोगों ने आक्षेप लिया।
भटकते रहे, फिर घर का किया रुख
82 वर्षीय आनंद गायकवाड़ इंटरनेशनल कम्युनिटी स्कूल में टंगी वोटर लिस्ट में अपना नाम खोज रहे थे। नाम मिल नहीं रहा था। उन्होंने बताया कि एक पार्टी के बूथ से ऑनलाइन लिस्ट चेक कर उनका नाम नवप्रतीक्षा उच्च माध्यमिक शाला खोली नंबर 1 में बताया गया था। वहां गए तो सूची में नाम नहीं था। यह तीसरा सेंटर है जहां अपना नाम खोज रहे हैं और अब बिना वोट दिये घर जा रहे हैं।
ऐसे अनेक वोटर्स परेशान होकर बिना वोट दिये घर लौटे। अपना नाम सूची में नये मतदाता के रूप में पंजीयन करवाने वाले ओम शेवालकर का नाम भी सूची में नहीं था। वह भी सिस्टम को कोसते हुए नजर आए। उन्होंने कहा कि विभाग युवाओं को वोट करने के लिए प्रोत्साहित करता है तो दूसरी ओर नाम ही गायब कर देता है।
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औरंगाबाद शिफ्ट कर दिया नाम
हैरतअंगेज कारनामा तो कांबले परिवार के साथ हुआ। प्रभाग 35, जोगीनगर में रहने वाले नितेश कांबले ने बताया कि मेरे परिवार में पत्नी, मां-पिता सभी के नाम अलग-अलग बूथ में दिये गए हैं। पिता का नाम तो प्रभाग बदलकर 34 में कर दिया गया।
हद तो यह कि मेरी मां रत्नमाला किसनराव कांबले इपिक नंबर बीकेजी 2321321 का तो जिला बदलकर औरंगाबाद के पोलिंग बूथ में दिया गया है। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि क्या पूरा परिवार अलग-अलग सेंटर में वोट करने जाएगा और क्या में मां को औरंगाबाद भेजूं।
हनुमाननगर में जमकर चला ‘नोटा’
पूर्व मेयर कल्पना पांडे बस्ती हनुमाननगर से भाजपा सहित किसी भी पार्टी ने उम्मीदवार नहीं दिया। इससे नाराज नागरिकों ने किसी भी पार्टी उम्मीदवार को वोट न देते हुए ‘नोटा’ का बटन दबाने का अभियान ही शुरू कर दिया था।
दोनों ही पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं ने समझाने का प्रयास किया लेकिन वोटिंग के दिन बस्ती के नागरिकों ने जमकर नोटा का बटन दबाते हुए अपना रोष दिखाया। एड. मनमोहन बाजपेयी, अशोक शिंगाडे, सुनील अग्रवाल, सुनील पिकलमुंडे, एड. गिरीश दादीलवार, राजेश निंबालकर, नीतू दत्ता सहित नागरिकों ने नोटा अभियान चलाया था।
