BJP Fourth Consecutive Victory:नागपुर महानगर पालिका चुनाव 2026 (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nagpur Municipal Election 2026: नागपुर महानगर पालिका में लगातार चौथी बार सत्ता का चौका लगाने के लक्ष्य के साथ उतरी भारतीय जनता पार्टी भले ही 120 सीटों का आंकड़ा पार नहीं कर पाई हो, लेकिन 103 सीटें जीतकर उसने एक बार फिर मनपा पर अपना परचम लहरा दिया है। शुक्रवार को घोषित आम चुनाव परिणामों में ‘कमल’ की सुनामी के आगे विपक्ष के किले एक बार फिर ढह गए।
हालांकि कई प्रभागों में उलटफेर देखने को मिले, फिर भी नए चेहरों के साथ मैदान में उतरी भाजपा ने ‘सेंचुरी’ पार करते हुए यह साबित कर दिया कि उसके गढ़ में उसे हराना अब भी आसान नहीं है। 151 सीटों के लिए हुई मतगणना में भाजपा ने पिछली बार की तुलना में कुछ सीटें कम जरूर हासिल कीं, लेकिन इसके बावजूद पार्टी ने महानगर पालिका पर अपना दबदबा कायम रखा।
| राजनीतिक दल | 2026 के परिणाम | 2017 के आंकड़े |
|---|---|---|
| भाजपा | 103 | 108 |
| कांग्रेस | 33 | 29 |
| एआईएमआईएम | 7 | 0 |
| मुस्लिम लीग | 4 | 0 |
| शिवसेना (उद्धव) | 2 | 2 |
| शिवसेना (शिंदे) | 1 | 0 |
| एनसीपी (अजित पवार) | 1 | 0 |
यह लगातार चौथी बार है जब भाजपा ने नागपुर महानगर पालिका पर अपनी पकड़ बनाए रखी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सघन प्रचार का असर यह रहा कि भाजपा बहुमत के आंकड़े (76) से काफी आगे निकलते हुए 103 सीटों तक पहुंच गई।
इस चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर एआईएमआईएम ने किया। मनपा चुनाव के इतिहास में पहली बार ओवैसी की पार्टी ने नागपुर में 7 सीटें जीतकर मुस्लिम बहुल इलाकों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। खासकर वार्ड नंबर 6 में एआईएमआईएम के पैनल ने 3 सीटों पर बड़ी जीत हासिल की।
हालांकि कांग्रेस सत्ता से दूर रही, लेकिन उसने पिछली बार की तुलना में अपने प्रदर्शन में सुधार किया है। 2017 में 29 सीटों पर सिमटी कांग्रेस इस बार 33 सीटें जीतने में सफल रही। पार्टी ने ‘मिशन 100’ के नाम से जोरदार प्रचार किया, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।
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राजनीतिक जानकारों के अनुसार कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के बीच सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बन पाने का सीधा फायदा भाजपा को मिला। भाजपा ने पूरे चुनाव में सड़कों, फ्लाईओवरों और मेट्रो जैसे बुनियादी ढांचे के विकास को प्रमुख मुद्दा बनाया, जिसे मतदाताओं ने स्वीकार किया।
हालांकि 15 वर्षों से सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा ने महानगर पालिका के स्तर पर हुए विकास पर अपेक्षाकृत कम चर्चा की, लेकिन राज्य और केंद्र सरकार की विकास परियोजनाओं को आगे रखकर मतदाताओं का ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा किए गए इसी विकास-केंद्रित प्रचार का असर चुनावी नतीजों में साफ दिखाई दिया।