अश्विनी जिचकार- शिवानी दाणी - नीता ठाकरे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
NMC Women Reservation: नागपुर महानगरपालिका में महापौर पद को लेकर चुनाव परिणामों के बाद से चली आ रही अटकलों का दौर उस समय थम गया जब मुंबई में हुई आरक्षण की लॉटरी में नागपुर महानगरपालिका के लिए महिला खुला वर्ग के लिए पद आरक्षित हो गया। महानगरपालिका में 9 वर्षों बाद हुए चुनावों के परिणाम घोषित होने के बाद से सभी की नजरें महापौर पद के लिए निकलने वाली इस लॉटरी पर लगी हुई थी।
हालांकि कुछ हलकों में खुले वर्ग से ही महापौर होने का अनुमान तो लगाया जा रहा था किंतु महिला के लिए आरक्षण खुलने से अब नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो महापौर की रेस में अनुभवी चेहरा अश्विनी जिचकार का नाम सबसे आगे है, जबकि दूसरे नंबर पर नीता ठाकरे और बाद में शिवानी दाणी के नाम की चर्चा है। महानगरपालिका के नतीजे आने के बाद अब शहर के अगले ‘प्रथम नागरिक’ यानी महापौर के नाम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो शहर की प्रथम नागरिक होने के साथ ही सदस्य को मनपा की सभा में सदन के संचालन का अनुभव होना जरूरी है। पार्षद सदस्यों द्वारा सदन में उठाए जाने वाले मुद्दों और प्रशासन की ओर से आने वाले जवाब को देखते हुए सिटी की बेहतरी के लिए महापौर की कुर्सी से आने वाले निर्णय काफी महत्व रखते हैं। यही कारण है कि इस पद पर अनुभवी का होना अनिवार्य समझा जाता है।
अश्विनी जिचकार को सदन की कार्यवाही का पहले से अनुभव है, साथ ही पार्टी के भीतर उनकी कार्यशैली को लेकर वरिष्ठ नेताओं का विश्वास भी है। अश्विनी जिचकार ने मनपा का चुनाव महिला खुला वर्ग से ही लड़कर जीत हासिल की है। एक ओर कुणबी फैक्टर तो दूसरी ओर ओपन वर्ग से लड़ने के कारण उन्हें महापौर पद पर मौका मिलने की संभावना जताई जा रही है।
जानकारों के अनुसार नीता ठाकरे न केवल अनुभवी चेहरा है बल्कि दक्षिण नागपुर के विधायक मोहन मते के कोटे से उन्हें इस बार टिकट मिली है। इसके पूर्व भी नीता ठाकरे को मनपा में भाजपा के उप नेता के रूप में कार्य करने का अनुभव है। इसी तरह मनपा में महिला व बाल कल्याण समिति सभापति भी रही हैं। ऐसे में उनके नाम पर भी चर्चा होने की जानकारी सूत्रों ने दी। इसके अलावा पार्टी के संगठन में महिला मोर्चा की सक्रिय पदाधिकारी के रूप में कई जिम्मेदारियां भी पूरी की हैं।
हालांकि नागपुर महानगरपालिका में महापौर का पद महिला ओपन वर्ग के लिए आरक्षित होने के बाद से संघ की पसंद के शिवानी दाणी का नाम प्रमुखता से चर्चा में है किंतु बतौर पार्षद पहला मौका होने के कारण उनके लिए महापौर का पद किसी चुनौती से कम नहीं है। वर्तमान में सबसे अधिक चर्चा शिवानी दाणी की हो रही है।
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उन्हें इस पद के लिए प्रबल दावेदार माना जा रहा है और इसके पीछे एक ठोस कारण RSS से गहरा जुड़ाव है। शिवानी दाणी का परिवार दशकों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा है। वे स्वयं बचपन से राष्ट्र सेविका समिति की सक्रिय सदस्य रही हैं। नागपुर जैसे शहर में जहां संघ का मुख्यालय है, यह एक बहुत बड़ा प्लस पॉइंट है।
दाणी बीजेपी की युवा विंग (भाजयुमो) में राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय रही हैं। उन्हें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, दोनों का करीबी माना जाता है। सर्वविदित है कि अंतिम फैसला इन 2 दिग्गजों की सहमति से ही होगा। जो उम्मीदवार शहर के विकास कार्यों (गडकरी का विजन) और राजनीतिक स्थिरता (फडणवीस की रणनीति) में फिट बैठेगा, उसकी लॉटरी लगनी तय है।