Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

नागपुर मनपा का बजट संकट में; सरकार के पास फंसे ₹450 करोड़, कैसे चलेगा विकास का चक्का?

Nagpur Municipal Corporation Budget 2026: नागपुर मनपा की तिजोरी खाली! सरकार के पास ₹450 करोड़ बकाया, संपत्ति कर वसूली लक्ष्य से पीछे। नाग नदी प्रकल्प और नए कर्मचारियों के वेतन पर संकट।

  • Written By: प्रिया जैस
Updated On: Feb 16, 2026 | 07:32 AM

नागपुर मनपा (फाइल फोटो)

Follow Us
Close
Follow Us:

Nag River Rejuvenation Project Fund: नागपुर महानगरपालिका की तिजोरी पर अधिकार रखने वाली स्थायी समिति के गठन के साथ ही अब राजनीतिक गलियारों में न केवल मनपा की वित्तीय स्थिति बल्कि निकट भविष्य में आने वाले बजट पर भी चर्चा शुरू हो गई है।

मनपा की वित्तीय स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वित्तीय प्रावधान नहीं होने के कारण महापौर, सत्तापक्ष नेता, विपक्ष के नेता और अन्य के लिए आवश्यक कार्यालयों की आवश्यकताएं पूरी नहीं हो पा रही हैं, जबकि इन सभी ने पदभार ग्रहण कर काम भी शुरू कर दिया है। इस लिहाज से मनपा की तिजोरी खाली होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

इसी तरह से मनपा को देय 450 करोड़ से अधिक की निधि सरकार के पास अटकी हुई है, जबकि मनपा को सर्वाधिक आय देने वाले सम्पत्ति कर विभाग और नगर रचना विभाग की आय का लक्ष्य भी अधूरा है जिससे निकट भविष्य में आने वाले बजट में सिटी की जनता को क्या मिलेगा? इसे लेकर कई तरह के तर्क शुरू हो चुके हैं।

सम्बंधित ख़बरें

नागपुर में खूनी रंजिश: भाजपा पार्षद के पति नितिन सिमले पर जानलेवा हमला, बीच-बचाव में पत्नी भी घायल, मचा हड़कंप

राकां (एसपी) ने लगाया विलय पर विराम, जयंत पाटिल बोले- जरूरत पड़ी तो करेंगे सुनेत्रा की मदद

4 करोड़ की रेंज रोवर में लगी भीषण आग, बाल-बाल बचे बीजेपी सांसद लुंबा रामजी चौधरी

अब मनपा में ‘पिछले दरवाजे’ से प्रवेश के लिए लॉबिंग तेज, जानिए कौन बन सकता है स्वीकृत नगरसेवक

खर्च पर अंकुश के लिए रोक दीं नियुक्तियां

जानकारों की मानें तो महानगरपालिका पर्याप्त संख्या में अधिकारी और कर्मचारी नहीं होने के कारण अधूरी क्षमता से काम कर रही है। हालांकि राज्य सरकार ने आकृतिबंध को मंजूरी तो प्रदान की है किंतु महानगरपालिका नियुक्तियों के बाद इनके वेतन का खर्च उठाने में सक्षम नहीं होने के कारण अब तक नियुक्तियां नहीं हो रही हैं।

  • 200 करोड़ का केवल नाग नदी प्रकल्प के लिए प्रावधान
  • 35 करोड़ रुपए की नए कर्मचारियों के वेतन के लिए मांग
  • 450 करोड़ रुपए सरकार के पास हैं बकाया

आर्थिक जानकारों के अनुसार जितने पदों को मंजूरी प्राप्त है यदि उन पर नियुक्तियां हो जाएं तो आस्थापना खर्च निर्धारित नियमों से अधिक हो जाएगा। यही कारण है कि खर्च पर अंकुश के लिए नियुक्तियां रोकी गईं हैं। सूत्रों की मानें तो अकेले अग्निशमन विभाग को ही कर्मचारियों की नियुक्ति के बाद वेतन पर लगभग 35 करोड़ रुपए का खर्च की आवश्यकता होगी। ऐसे में अन्य विभागों का अंदाजा लगाया जा सकता है।

कतरे जा रहे सपनों के पंख

सूत्रों के अनुसार केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के महत्वाकांक्षी प्रकल्प नाग नदी के लिए हाल ही में पेश किए गए केंद्रीय बजट में कोई निधि नहीं रखी गयी, जबकि 1927 करोड़ के इस प्रकल्प के लिए महानगरपालिका ने भी आगामी बजट में केवल 200 करोड़ का ही प्रावधान किया है।

विशेषत: केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 295.64 करोड़ का प्रावधान किया था, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में कोई प्रावधान नहीं है। प्रकल्प में वित्तीय प्रावधान के अनुसार केंद्र सरकार 60 प्रतिशत 1,115 करोड़, राज्य सरकार 25 प्रतिशत 507 करोड़ और मनपा 15 प्रतिशत 304 करोड़ का वित्तीय बोझ उठाएगी।

प्रशासन का मानना है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में नाग नदी प्रकल्प का कितना काम होगा? यह कहा नहीं जा सकता है। फिलहाल 200 करोड़ का प्रावधान किया जा रहा है जिसमें से आवश्यकता अनुसार खर्च किया जा सकेगा।

विभागों ने अब तक नहीं दिया खर्च का ब्योरा

सीमित आय और बढ़ते खर्चों के बीच फंसे मनपा के आगामी बजट को लेकर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। मनपा प्रशासन ने आगामी बजट के लिए सभी विभागों से खर्च का विवरण और नए अनुमान मांगे थे लेकिन विभाग प्रमुखों द्वारा जानकारी देने में की जा रही आनाकानी के कारण बजट में देरी होने की संभावना जताई जा रही है।

यह भी पढ़ें – नागपुर में खूनी रंजिश: भाजपा पार्षद के पति नितिन सिमले पर जानलेवा हमला, बीच-बचाव में पत्नी भी घायल, मचा हड़कंप

बताया जाता है कि मंगलवारी जोन और सतरंजीपुरा जोन के अलावा मनपा के बिजली विभाग, उद्यान विभाग और अन्य विभागों ने अब तक खर्च का ब्योरा ही नहीं दिया है, जबकि इन विभागों को बार-बार सूचनाएं दी जा रही हैं।

लक्ष्य से काफी पीछे है वसूली

विशेषज्ञों और नगर रचना विभाग के अनुमान के अनुसार 31 मार्च को समाप्त होने वाले इस वित्तीय वर्ष के अंत तक यह राजस्व केवल 300 करोड़ रुपये तक ही पहुंचने की संभावना है। पिछले वर्ष इस विभाग ने संपत्ति कर विभाग की तरह ही लक्ष्य से अधिक वसूली की थी जिसे देखते हुए प्रशासकों ने इस बार 500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम लक्ष्य निर्धारित किया था।

आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में नवंबर तक 289.40 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे जो मार्च तक बढ़कर 467.10 करोड़ रुपये हो गए थे। इसी आधार पर वर्ष 2025-26 के लिए 500 करोड़ का लक्ष्य रखा गया।

  • नवभारत लाइव पर नागपुर से ललेन्द्र करवाड़े की रिपोर्ट

Nagpur municipal corporation financial crisis budget 2026 27 nag river project

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Feb 16, 2026 | 07:32 AM

Topics:  

  • Maharashtra
  • Nagpur News
  • NMC
  • NMC budget

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.