
नागपुर न्यूज
NMC Grant: नागपुर महानगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से 15वें वित्त आयोग के तहत निधि का आवंटन किया जाता है। महानगर पालिका में गत 4 वर्षों से जनप्रतिनिधि नहीं होने के कारण निधि आवंटन को रोक दिया गया था किंतु अब महानगर पालिका के लिए राहत भरी खबर है।
पिछले 4 वर्षों से रुका हुआ 15वें वित्त आयोग की निधि अब जल्द ही मनपा को प्राप्त होने वाला है। सूत्रों के अनुसार महानगर पालिका को वित्त आयोग से 82 करोड़ रुपये का अनुदान मिलने की संभावना है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पंद्रहवें वित्त आयोग द्वारा पिछले तीन आर्थिक वर्षों (2023-24, 2024-25 और 2025-26) का कुल 113 करोड़ रुपये का फंड रोक दिया गया था। आयोग ने यह शर्त रखी थी कि जब तक महानगर पालिका के चुनाव नहीं हो जाते, तब तक यह अनुदान नहीं दिया जाएगा।
अब चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही रुके हुए फंड का 75 प्रतिशत हिस्सा यानी 82 करोड़ रुपये नागपुर मनपा को जल्द ही मिल जाएंगे। गौरतलब है कि मनपा को प्रति वर्ष औसतन 37 करोड़ रुपये की निधि मिलती है।
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मनपा ने वित्त आयोग को जल आपूर्ति, सीवरेज, निर्माण और सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों से संबंधित पांच कार्यों के प्रस्ताव सौंपे हैं। अब तक आयोग से मनपा को 129.84 करोड़ रुपये की निधि मिल चुकी है। गंगाबाई घाट, मानेवाड़ा और मोक्षधाम घाट पर वायु प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली के लिए 8 करोड़ रुपये आवंटित हैं।
नए कार्यों का प्रस्ताव अनुदान की संभावना को देखते हुए मनपा ने कुछ नए कार्यों को भी प्रस्तावित किया है। इसमें नई सड़कों का निर्माण, ट्रैफिक जंक्शनों का सुधार और वायु प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली को विस्तार देना शामिल है। वित्त आयोग ने पहले ही मनपा से कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट मांगी थी, जिसे महानगर पालिका ने समय पर प्रस्तुत कर दिया है।






