पार्थ पवार को बड़ी राहत, जमीन घोटाला मामले में पुणे पुलिस के बाद खरगे कमेटी ने भी दी क्लीन चिट !
Parth Pawar Land Scam: अजित पवार के निधन के बीच पवार परिवार को कानूनी राहत मिल सकती है। पुणे की 40 एकड़ जमीन डील की जांच कर रही खड़गे समिति ड्राफ्ट रिपोर्ट में पार्थ पवार को क्लीन चिट दे सकती हैं।
- Written By: आकाश मसने
पार्थ पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Parth Pawar Land Scam Clean Chit: महाराष्ट्र की राजनीति में एक तरफ जहां उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन से शोक की लहर है, वहीं दूसरी तरफ उनके परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी राहत की खबर सामने आ रही है। पुणे के चर्चित 40 एकड़ जमीन सौदे की जांच कर रही खड़गे समिति पार्थ पवार को क्लीन चिट दे सकती है।
एक तरफ पवार परिवार इस बड़े दुख से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खड़गे की अध्यक्षता वाली समिति पुणे के मुंधवा में हुई 40 एकड़ जमीन की जांच रिपोर्ट को अंतिम रूप दे रही है। सूत्रों के अनुसार, इस ड्राफ्ट रिपोर्ट में पार्थ पवार को क्लीन चिट दी जा सकती है। पुणे 40 एकड़ ज़मीन डील की जांच कर रही खरगे कमेटी अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए 10-15 दिन का तीसरा एक्सटेंशन मांग सकती है। सूत्रों के मुताबिक, ड्राफ्ट रिपोर्ट में पार्थ पवार को क्लीन चिट दी जा सकती है, जबकि कई समानांतर जांच और स्टैंप ड्यूटी रिकवरी की कार्यवाही जारी है।
क्या है पुणे जमीन घोटाला?
बता दें कि यह पूरा विवाद पार्थ पवार के नेतृत्व वाली कंपनी ‘एमेडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी’ (Amedea Enterprises LLP) द्वारा खरीदी गई जमीन से जुड़ा है। इस जमीन का बाजार मूल्य लगभग 1,800 करोड़ रुपये आंका गया है। हालांकि यह रिपोर्ट अभी ड्राफ्टिंग स्टेज पर है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि पार्थ पवार को इस मामले में राहत मिल जाएगी।
सम्बंधित ख़बरें
बारामती एयरपोर्ट के रनवे पर बड़ा हादसा, कारवार एविएशन का ट्रेनी प्लेन क्रैश, सामने आया पहला VIDEO
सुप्रिया सुले का केंद्र पर हमला: प्रस्तावित FCRA संशोधन बिल का विरोध, NCP सांसद आज पीएम मोदी से मिलेंगे
सुनेत्रा पवार के मार्गदर्शन में तटकरे कर रहे बेहतरीन काम, प्रशांत किशोर की मुलाकात पर दत्तात्रेय भरणे की सफाई
प्रशांत किशोर की एंट्री से पहले NCP में भगदड़! सुनेत्रा पवार संग बैठक के बाद पार्टी में अंदरूनी खटपट तेज
यह भी पढ़ें:- Security Update: महाराष्ट्र की नई डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार को मिली ‘Z+’ सुरक्षा, गृह विभाग ने जारी किए आदेश
जांच का घेरा और 21 करोड़ की रिकवरी
भले ही खड़गे कमेटी से राहत की उम्मीद हो, लेकिन यह मामला तीन अलग-अलग स्तरों पर जांच के घेरे में है:
- विकास खड़गे कमेटी: जो सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और इसके लिए 10-15 दिनों के तीसरे विस्तार की मांग कर सकती है।
- पुणे पुलिस: इस मामले में पुणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। EOW द्वारा कोर्ट में दाखिल की गई 1,886 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट में पार्थ पवार का नाम बतौर आरोपी शामिल नहीं किया गया है।
- स्टाम्प विभाग: एक अन्य पैनल स्टाम्प और पंजीकरण कार्यालय की भूमिका की जांच कर रहा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि स्टाम्प विभाग उन 21 करोड़ रुपये की स्टाम्प ड्यूटी की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर सकता है, जिसे पिछले साल मई में पंजीकरण के दौरान माफ कर दिया गया था।
