नागपुर की RP रोड चौड़ीकरण योजना अंधेरे में, फंड मंजूर पर नहीं मिले ठेकेदार

Nagpur News: नागपुर के महल में RP रोड चौड़ीकरण प्रोजेक्ट ठेकेदारों की कमी से अटका है। जमीन अधिग्रहण और फंडिंग पूरी होने के बावजूद पुराने बकायों की वजह से ठेकेदार नई निविदा में भाग नहीं ले रहे।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Nagpur Mahal-RP Road Widening Project: राज्य लोक निर्माण विभाग (PED के लिए नागपुर के महल इलाके में प्रस्तावित रामजी पहलवान (RP) रोड का चौड़ीकरण एक बड़ी चुनौती बन गया है। रामजी पहलवान चौक से मॉडल मिल चौक तक की इस सड़क के लिए केंद्रीय सड़क निधि (सीआरएफ) के तहत मंजूरी मिल चुकी है लेकिन विभाग को काम शुरू करने के लिए ठेकेदार ही नहीं मिल रहे हैं।

बकाया भुगतान बना रोड़ा

महल में 1.21 किलोमीटर लंबी इस सीमेंट कंक्रीट सड़क का चौड़ीकरण अधर में लटक गया है। इसका मुख्य कारण ठेकेदारों की नाराजगी है। ठेकेदारों ने पिछले प्रोजेक्ट्स के पुराने भुगतान बकाया होने के चलते नई निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से इनकार कर दिया है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि इस विशेष परियोजना के लिए सीआरएफ का फंड पहले ही जारी किया जा चुका है और भुगतान में कोई समस्या नहीं आएगी। इसके बावजूद ठेकेदार नया काम हाथ में लेने से कतरा रहे हैं। अक्टूबर में जब पहला टेंडर निकाला गया था तो केवल एक ठेकेदार ने रुचि दिखाई थी। नियमों के तहत विभाग को वह प्रक्रिया रद्द कर अब नये सिरे से टेंडर जारी करना पड़ा है।

जमीन अधिग्रहण के बाद भी देरी

यह परियोजना पहले ही भूमि अधिग्रहण की बाधाओं के कारण काफी विलंब झेल चुकी है। सड़क चौड़ीकरण के लिए रास्ते में आने वाली 173 संपत्तियों का अधिग्रहण किया जाना था जिसने प्रस्ताव को महीनों तक रोके रखा।

नागपुर महानगरपालिका के नगर नियोजन विभाग ने 3 चरणों में अधिग्रहण पूरा किया और संपत्ति मालिकों को 64.88 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया। जमीन पीडब्ल्यूडी को सौंपे जाने के बाद उम्मीद थी कि काम तेजी से होगा लेकिन अब ठेकेदारों की बेरुखी ने नई मुसीबत खड़ी कर दी है।

प्रोजेक्ट की रूपरेखा

  • कुल लागत : 9.88 करोड़ रुपये
  • सड़क की चौड़ाई : 18 मीटर (सीमेंट रोड)
  • सुविधाएं : दोनों तरफ 7-7 मीटर का कैरिजवे, रोड डिवाइडर, पेव्ड शोल्डर और एकीकृत नालियां।

अधिकारियों का दावा

महल के निवासी वर्षों से इस संकरी सड़क के चौड़ा होने का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस बार फंडिंग की कोई समस्या नहीं होगी। डिविजनल इंजीनियर वीरेंद्र गोखले ने कहा कि विभाग टेंडर फाइनल होते ही एक सप्ताह के भीतर काम शुरू करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।

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